Strait of Hormuz

  • भारत होर्मुज की चौकीदारी क्यों नहीं संभालता?

    पता है भारत के जनजीवन, उसकी अर्थिकी की नाड़ी क्या है? करीब 10 किलोमीटर की वह पतली नाड़ी, जिसका नाम होर्मुज की खाड़ी है। यह नाड़ी प्रत्यक्ष तौर पर भारत के सौ करोड़ लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी (गैस, पेट्रोल, उर्वरक, अर्थिकी-खेती, रसोई के ईंधन की वजह से) से जुड़ी है। हां, 145 करोड़ लोगों का भारत खाड़ी पर सर्वाधिक निर्भर है। चीन इतना इसलिए नहीं है क्योंकि वह स्वदेशी निर्भरता के साथ गैस, तेल सप्लाई में सीधे रूस, मध्य एशिया देशों की पाइपलाइनों से जुड़ा हुआ है। मतलब पृथ्वी की कुल आबादी के सर्वाधिक बड़े हिस्से में भारत की...

  • ईरान की नई चेतावनी चिंताजनक

    नई दिल्ली। ईरान ने नई चेतावनी जारी की है। उसने कहा है कि अगर अमेरिका उसकी जमीन पर अपने सैनिक उतारता है और खार्ग द्वीप को कब्जा करने की कोशिश करता है तो ईरान तेल के दूसरे रास्तों पर भी हमला करेगा। ईरान ने कहा कि जैसे उसने होरमुज की खाड़ी को बंद कर दिया है उसी तरह बाब अल मंदेब खाड़ी को बंद कर देगा। गौरतलब है कि बाब अल मंदेब खाड़ी लाल सागर का एंट्री प्वाइंट है। यह लाल सागर को अरब सागर से जोड़ता है। स्वेज नहर तक जाने वाले जहाज इसी रास्ते से गुजरते हैं। खबर...

  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय फ्लैग शिप के आने का सिलसिला जारी, नेवी के वॉरशिप कर रहे हैं एस्कॉर्ट

    भारतीय नौसेना के ‘मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट’ के तहत दुनिया के छह अलग-अलग इलाकों में वॉरशिप की तैनाती की गई है। साल 2017 के बाद से यह तैनाती लगातार जारी है। ‘मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट’ के तहत ओमान और अदन की खाड़ी के पास भी दो बड़े अभियान चल रहे हैं- ओमान की खाड़ी के पास ‘ऑपरेशन संकल्प’ और अदन की खाड़ी में ‘एंटी-पायरेसी ऑपरेशन’।  वेस्ट एशिया में जारी जंग के चलते इस इलाके में तैनात नौसेना के वॉरशिप भारतीय फ्लैगशिप को सुरक्षित एस्कॉर्ट भी कर रहे हैं। एलपीजी कैरियर शिवालिक और नंदा देवी के बाद तीसरा इंडियन फ्लैग वेसल जग लाडकी...

  • ‘शिवालिक’ के बाद एलपीजी लेकर आ रहा जहाज ‘नंदा देवी’ भी होर्मुज जलडमरूमध्य से निकला

    अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के दौरान ईरान की ओर से अनुमति मिलने के बाद एलपीजी लेकर आने वाला दूसरा जहाज 'नंदा देवी' भी होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल गया है। इससे पहले एलपीजी लेकर आने वाला जहाज 'शिवालिक' भी होर्मुज जलडमरूमध्य से सफलता पूर्वक निकला था।   सरकारी सूत्रों ने शनिवार को बताया कि 'शिवालिक' को भारतीय नौसेना की सुरक्षा में लाया जा रहा है और अगले दो दिनों के भीतर इसके किसी भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है। संभवतः यह मुंबई या कांडला पहुंचेगा। जहाज खुले समुद्र में पहुंच चुका है और भारतीय नौसेना के मार्गदर्शन में...