Subhash Chandra Bose

  • ‘गुमनामी बाबा’ के ऐसे सामान का क्या अर्थ?

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक संपन्न व कुलीन परिवार से थे। आईसीएस (वर्तमान में आईएएस) की परीक्षा में, 1920 में उनकी चौथी रैंक आई थी। आज़ादी की लड़ाई लड़ने के लिए 1921 में उन्होंने इतनी बड़ी नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया था।... बक्से में से उनके परिवार व निकट के लोगों के 110 चित्र मिले हैं। जिनमें नेताजी के माता-पिता का फ्रेम करा हुआ चित्र, मखमली कपड़े में लिपटा हुआ उनके बक्से में रखा था। श्री शक्ति सिंह के अयोध्या स्थित घर, ‘राम भवन’ के जिस कमरे में गुमनामी बाबा रहते थे, उसमें दीवार पर माँ काली का चित्र टंगा...

  • नेताजी ने आईसीएस की नौकरी छोड़कर अंग्रेजों को मारा था तमाचा: मोहन यादव

    Mohan Yadav : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose) की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस ने आईसीएस की नौकरी ठुकराकर अंग्रेजों को तमाचा मारा था। राजधानी के सात नंबर बस स्टॉप के करीब सुभाष स्कूल चौराहे पर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा सहित तमाम बड़े नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस (Subhash...