भारत के लिए चीनी निर्यात का अच्छा मौका

भारत के लिए आगामी तीन महीने चीनी निर्यात के लिए सुनहरा मौका है, क्योंकि बाद में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारत को ब्राजील से प्रतिस्पर्धा करने की चुनौती मिल सकती है।

मधुमेह के इलाज में आयुर्वेदिक दवाओं के विकास पर जोर

नई दिल्ली। मधुमेह यानी शुगर की बीमारी देश में तेजी से पैर पसार रही है और यह बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनकर उभर रही है। ऐसे में जिन बीमारियों में एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति प्रभावी साबित नहीं हो पा रही है, उनके लिए सरकार आयुर्वेदिक दवाओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। विश्व मधुमेह दिवस (14 नवंबर) इस बीमारी से निपटने की तैयारी की समीक्षा का भी समय है। सरकार देश भर में वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति को बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही है, वहीं विभिन्न सरकारी अनुसंधान एजेंसियां आयुर्वेद और चिकित्सकीय जड़ी-बूटियों के आधार पर आधुनिक दवाएं विकसित करने पर जोर दे रही हैं। इन्हीं में वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की दो प्रयोगशालाएं राष्ट्रीय वानस्पतिक अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) और केंद्रीय औषधीय और सुगंधित पादप संस्थान (सीआईएएमपी) का ताजा प्रयास भी शामिल है। इन दोनों ने अपने साझा प्रयास से बीजीआर-34 नाम की मधुमेह के उपचार की आयुर्वेदिक दवा विकसित की है। इसे टाइप-2 मधुमेह के प्रबंधन में प्रभावी पाया गया है। इस बीमारी के गंभीर मरीजों के इलाज में इस दवा को पूरक औषधि के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। ‘ट्रेडिशनल एंड कंप्लीमेंट्री मेडिसिन’ नाम के वैज्ञानिक शोध प्रकाशन में प्रकाशित अध्ययन में भी बीजीआर-… Continue reading मधुमेह के इलाज में आयुर्वेदिक दवाओं के विकास पर जोर

चीनी में आई तेजी से भारत के लिए खुले निर्यात के दरवाजे

नई दिल्ली। चीनी का वैश्विक भंडार कम होने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बीते तीन महीने में सफेद चीनी के दाम में 15 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है, जिसके बाद भारत के लिए चीनी निर्यात का द्वार खुल गया है और निर्यात के नए सौदे भी होने लगे हैं। भारत इस समय सफेद चीनी का निर्यात कर रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में नए सीजन में गन्ने की पेराई शुरू होने पर कच्ची चीनी का भी निर्यात करेगा। उद्योग संगठनों से मिली जानकारी के अनुसार, एक अक्टूबर से शुरू हुए नए शुगर सीजन में अब तक तकरीबन दो लाख टन सफेद चीनी के निर्यात के सौदे हो चुके हैं। ये सौदे करीब 320-330 डॉलर प्रति टन के भाव (एफओबी) पर हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सफेद चीनी का भाव बीते तीन महीने में करीब 45 डॉलर प्रति टन यानी 15.25 फीसदी बढ़ा है। इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज यानी आईस्ई पर 16 जुलाई को लंदन शुगर का वायदा भाव 295 डॉलर प्रति टन था, जबकि बीते सत्र में शुक्रवार को 339.90 डॉलर प्रति टन पर बंद हुआ।एक आकलन के तौर पर, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय मिलों को 340 डॉलर प्रति टन का भाव अगर मिला और भारत की करेंसी का मूल्य… Continue reading चीनी में आई तेजी से भारत के लिए खुले निर्यात के दरवाजे

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