नफरत की खेती के नतीजे भुगतता पाकिस्तान
पाकिस्तान में लगभग 4 करोड़ शिया बसते हैं। पिछले दो दशकों में 4,000 से अधिक शिया मुसलमान इस्लाम के नाम पर जिहादी हमलों में मारे जा चुके हैं। यह दर्दनाक मौतें प्रशासनिक विफलता का परिणाम नहीं, बल्कि उस जहरीली सोच का स्वाभाविक नतीजा है, जिसका आधार ही असहिष्णुता और घृणा हैं। ....क्या मस्जिद में नमाज पढ़ते मुस्लिमों की मजहब के नाम पर सहबंधुओं द्वारा हत्या जायज ठहराई जा सकती है? हाल में 6 फरवरी 2026 को इस्लामाबाद की खादिजा-तुल-कुबरा शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान आत्मघाती विस्फोट हुआ। इसमें 36 लोगों की जान चली गई और 160 से...