आईआईटी बॉम्बे के अध्ययन से पता चला कैसे टीबी बैक्टीरिया एंटीबायोटिक दवाओं को देते हैं ‘धोखा’
क्षय रोग (टीबी) दशकों से एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बना हुआ है। आईआईटी बॉम्बे ने इस पर एक स्टडी की है, जिससे पता चलता है कि माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु अपनी ऊपरी फैट कोटिंग (वसा परत) को बदलकर एंटीबायोटिक उपचार से बचते-बचाते लंबे समय तक शरीर में बने रहते हैं। प्रभावी प्रतिजैविकों (एंटीबायोटिक्स) और व्यापक टीकाकरण अभियानों के बावजूद भी यह रोग मृत्यु का कारण बना हुआ है। केवल 2023 वर्ष में दुनिया के लगभग 1 करोड़ से अधिक लोग टीबी से ग्रसित हुए और 12 लाख से अधिक लोगों की इससे मृत्यु हो गई। भारत में इसके संक्रमितों...