‘तेरे इश्क में’: एक मनोवैज्ञानिक विमर्श
फ़िल्म का मूल संघर्ष प्यार और ऑब्सेशन की वह महीन रेखा है, जिसे पार करते ही प्रेम विष में बदल जाता है।... इस फ़िल्म की कहानी में आधुनिक रिश्तों में इमोशन की एक दिलचस्प यात्रा है। तब प्यार किस तरह की कसौटी से गुज़रता है जब दो प्यार करने वालों के रिश्ते में इमोशनल बैगेज, पास्ट ट्रॉमा, क्लास डिफरेंस और समाज की उम्मीदें मिल जाती हैं? सिने-सोहबत आज के ‘सिने-सोहबत’ में ताज़ातरीन फ़िल्म 'तेरे इश्क में' के बारे में विमर्श करते हैं। आनंद एल राय के निर्देशन में बनी ये फ़िल्म सिर्फ एक रोमांटिक ड्रामा नहीं, बल्कि एक प्रायोगिक प्रेम...