कथित ट्रैक टू डिप्लोमेसी से कोई आहत नहीं
यह कमाल की बात है कि कांग्रेस का कोई नेता पाकिस्तान के नई दिल्ली स्थिति उच्चायोग में जाकर वहां के उच्चायुक्त या किसी अन्य राजनियक से मिल ले तो हंगामा मच जाता है। भारतीय जनता पार्टी के साथ साथ राइटविंग के हर लेखक, पत्रकार की भावनाएं आहत हो जाती हैं। उस नेता को देशद्रोही ठहराया जाता है। उसके आधार पर कांग्रेस का कैरेक्टर जज किया जाता है। लेकिन भाजपा के नेता दूसरे देश में पाकिस्तानी नेताओं, राजनयिक और सैन्य अधिकारियों से मिलते हैं तो किसी की भावना आहत नहीं होती है। बहस इस बात की नहीं है कि सरकार कोई...