चैनलों को जिम्मेदार बनाने के लिए टीआरपी रोकनी पड़ी
यह सिर्फ भारत में हो सकता है। दुनिया के किसी भी देश का टेलीविजन मीडिया इतना गैरजिम्मेदार नहीं हो सकता है, जितना भारत का है। भारत के हर टेलीविजन चैनल को युद्ध का मैदान बना दिया गया है। चैनलों में युद्ध के सायरन बजाए जाते हैं और विशेषज्ञ के नाम पर युद्धोन्माद फैलाने वाले लोगों को बुला कर बैठाया जाता है। वे युद्ध भ़ड़काने वाली बातें करते हैं। चैनल खबर के नाम पर एक के बाद एक झूठ दिखाते हैं। कई बार ऐसे झूठ दिखाए जाते हें, जिनसे सरकार के लिए भी असहज स्थितियां पैदा होती हैं। तभी केंद्र सरकार...