उफ! ‘हिंदू’ स्वतंत्रता का यह सत्तापथ!
true independence: मोहन भागवत के कहे पर व्यर्थ का बवंडर है। इसकी सघनता से अपना शक है कि मोदी सरकार व भाजपा में उनके विरोधियों ने इस पर तिल का ताड़ बनवाया। ताकि वे मोहन भागवत को जल्द रिटायर करा सकें। बीबीसी, हिंदी में उनका कहा जस का तस छपा है। गौर करें उनकी इन लाइनों पर, "भारत स्वतंत्र हुआ 15 अगस्त को, राजनीतिक स्वतंत्रता आपको मिल गई। हमारा भाग्य निर्धारण करना हमारे हाथ में है। हमने एक संविधान भी बनाया, एक विशिष्ट दृष्टि जो भारत के अपने स्व से निकलती है, उसमें से वह संविधान दिग्दर्शित हुआ, लेकिन उसके...