trump tariffs

  • अमेरिका में ट्रंप टैरिफ रद्द

    नई दिल्ली। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। सर्वोच्च अदालत ने दुनिया भर के देशों पर लगाए गए ट्रंप के टैरिफ को रद्द कर दिया है। इतना ही नहीं अदालत ने इसे अवैध बताया है और कहा है कि राष्ट्रपति को इस तरह से दुनिया के देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने करीब 50 साल पुराने आपातकालीन शक्तियों वाले कानून के तहत ये टैरिफ लगाए थे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत और अमेरिका के अंतरिम व्यापार समझौते पर क्या असर होगा, यह देखने वाली...

  • तलवार गिर पड़ी है

    ट्रंप के टैरिफ से भारत के 55 फीसदी निर्यात प्रभावित होंगे, जिनका मूल्य 47 से 48 बिलियन डॉलर है। अमेरिका का जो रुख है, उसे देखते हुए नहीं लगता कि निकट भविष्य में भारत को कोई रियायत मिलने जा रही है। अमेरिकी टैरिफ लागू होते ही ये चिंताजनक खबर आई है कि तिरुपुर, नोएडा, और सूरत जैसी जगहों पर कपड़ा एवं वस्त्र के कई कारखानों में उत्पादन रुक गया है। इन कारखानों के उत्पाद अमेरिका में 50 फीसदी टैरिफ लगने के कारण वहां प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गए हैं। यह बात खुद भारतीय निर्यात संगठनों के परिसंघ (एफआईईओ) ने कही...

  • ट्रंप टैरिफ के बाद कांग्रेस का हमला

    नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर 25 फीसदी टैरिफ और उसके साथ ही जुर्माना लगाने की घोषणा के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। कांग्रेस ने ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोस्ती की हवाला देते हुए कहा कि भारत दोस्ती की कीमत चुका रहा है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को नसीहत देते हुए कहा कि वे इंदिरा गांधी की तरह डट जाएं ट्रंप के सामने। कांग्रेस ने एक तस्‍वीर भी जारी की, जिसमें लिखा था कि सुबह राहुल गांधी ने कहा था, शाम को ट्रंप ने दबा दिया। गौरतलब...

  • अदालत ने ट्रंप के टैरिफ को बहाल किया

    वॉशिंगटन। अमेरिका की फेडरल अपील कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर रोक वाले यूएस इंटरनेशनल ट्रे़ड कोर्ट के फैसले को पलट दिया है। उच्च अदालत ने ट्रंप के लगाए टैरिफ को वापस बहाल कर दिया है। इससे एक दिन पहले बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को ट्रेड कोर्ट ने असंवैधानिक करार देते हुए स्थायी रोक लगा दी थी। इस फैसले को ट्रंप प्रशासन ने फेडरल सर्किट की अपीलीय कोर्ट में चुनौती दी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद निचली अदालत यानी ट्रेड कोर्ट के आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई। इसका मतलब है कि...