बीजिंग में बदल चुकी दुनिया का नज़ारा
फिलहाल चीन ने टकराव को एक सीमा के अंदर रखने और उसे यथासंभव संभालने के लिए आपसी संबंध में ‘रचनात्मक रणनीतिक स्थिरता’ का फॉर्मूला भर दिया है। ये फॉर्मूला तभी तक कारगर रहेगा, जब तक अमेरिका चीन की लक्ष्मण रेखाओं का पालन करे। मगर, अमेरिका के लिए भी लंबे समय तक ऐसा करना कठिन होगा, क्योंकि उस स्थिति में चीन अपनी ताकत में बढ़ोतरी करता रहेगा, जिससे स्वतः दुनिया पर उसका प्रभाव बढ़ता जाएगा। आखिर अमेरिकी शासक वर्ग इसे कब तक बर्दाश्त करेंगे! चीन यात्रा के लिए डॉनल्ड ट्रंप का उत्साह अमेरिका के लिए भारी पड़ा। अब तक दुनिया में...