लड़ाओं, द्वेष फैलाओ, राज करो
अब तमाम शैक्षिक संस्थानों में छात्रों को स्थाई रूप से आपसी द्वेष, डर और आक्रोश में उलझाना इस का सब से घृणित उदाहरण है। यूजीसी निर्देश के क्रम में ही, इस से पहले जाति उत्पीड़न कानून के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटना, नये-नये आरक्षण बढ़ाना, जाति-गणना, आदि हो चुके हैं। यह सब नेताओं के कारनामे हैं।.... योग्यता परीक्षा में शून्य नंबर लाने वाले भी पीएच.डी. में दाखिला दे ले लेते है। बिन सोचे कि वैसे नकली पीएच.डी. किस लिए? ऐसा शिक्षक नियुक्त करना, जो खुद सिफर है.... भारतीय नेताओं का एक वर्ग ऐसे काम सोचता रहता है, जिस...