Uttamandukasana

  • फेफड़ों और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए करें उत्तानमंडूकासन

    योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं बल्कि मन और आत्मा को संतुलित करने की एक प्राचीन कला भी है। योग के इन्हीं आसनों में से एक उत्तानमंडूकासन है, जो शरीर में लचीलापन बढ़ाने के साथ मानसिक शांति भी प्रदान करता है। संस्कृत के दो शब्दों, 'उत्तान' (खिंचा हुआ) और 'मंडूक' (मेंढक), से मिलकर बने इस आसन की अंतिम मुद्रा में शरीर एक मेंढक के समान दिखाई देता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी को मजबूती और लचीलापन रहता है, जिससे पीठ और कमर दर्द होता है। कंधों और गर्दन की मांसपेशियां खिंचती हैं,...