मानव सृष्टि के बाद में वेद
वेद शब्द का अर्थ है ज्ञान। आदि काल में मानव सृष्टि के साथ ही आविर्भूत होने के कारण इसे आदि ज्ञान कहते हैं, तथा सभी काल में नित्य होने अर्थात सदा बने रहने के कारण इसे शाश्वत्त ज्ञान भी कहा जाता है। आदि ज्ञान का भंडार चार वेद ग्रंथ हैं- ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। ऋग्वेद में 10482 मंत्र, यजुर्वेद में 1975, सामवेद में 1873 और अथर्ववेद में 5977 मंत्र हैं। इस तरह चारों वेद में कुल 20307 मंत्र हैं। वैदिक मतानुसार वेद परमात्मा का ज्ञान है, जो परमात्मा ने इस संसार में मनुष्य के कल्याण के लिए दिया है।...