जनता की जान की क़ीमत पर वीआईपी सुरक्षा क्यों?
भारतीय मूल का 38 वर्षीय हिमांशु गुलाटी नॉर्वे का तीसरी बार सांसद है और वहाँ का उप-कानून मंत्री भी। उसे कोई वीआईपी सुरक्षा नहीं मिली हुई। उसने मुझे बताया कि नॉर्वे की पिछली प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग जब एक बार उसके घर रात्रि भोज पर आईं तो वे बिना किसी सुरक्षा बंदोबस्त के स्वयं कार चला कर आईं और सीधे रसोई में जा कर रसोइए से हाल चाल पूछने लगीं। नर्मदा नदी के बरगी बाँध के दुखद हादसे के बाद सोशल मीडिया पर एक आम नागरिक की टिप्पणी ने मुझे कुछ सोचने पर मजबूर किया। उसका कहना था कि जब देश...