पश्चिम एशिया शांत नहीं हुआ तो क्या होगा
भारत का मुश्किल समय गंभीर होता हुआ है। खास कर आर्थिक मोर्चे पर भारत की स्थिति बिगड़ने वाली है। महंगाई बेकाबू होगी, शेयर बाजार में बनाई गई कृत्रिम तेजी ठंडी पड़ेगी, रुपया और गिरेगा, जिससे भारत का मुद्रा बाजार तेजी से खाली होगा। इसका बड़ा असर यह संभव है कि महंगाई बढ़ेगी और महंगाई बढ़ेगी तो अनिवार्य रूप से रिजर्व बैंक को ब्याज दरों में बढ़ोतरी करनी होगी, जिससे विकास दर कम होगी। अभी ही अर्थव्यवस्था की हालत देखते हुए संस्थागत विदेशी निवेशक यानी एफआईआई और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी एफपीआई अपना पैसा शेयर बाजार से निकाल कर रहे हैं।...