west asia

  • पुरी और जयशंकर पश्चिम एशिया में

    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रही जंग में 40 दिन के बाद युद्धविराम होते ही भारत के दो मंत्री पश्चिम एशिया के दौर पर पहुंचे हैं। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी गुरुवार को कतर के दो दिन के दौरे पर पहुंचे तो विदेश मंत्री एस जयशंकर दो दिन के लिए मॉरीशस के दौरे पर गए हैं, जहां से वे संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई जाएंगे। युद्धविराम के साथ ही भारत ने तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास तेज कर दिए हैं। दोनों यात्राओं को इससे जोड़ कर देखा जा रहा है। पेट्रोलियम और...

  • पश्चिम एशिया पर सरकार का मंत्री समूह

    नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद मंत्री समूह खत्म कर दिए थे। उससे पहले मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में 30 मंत्री समूह थे। इनमें से नौ अधिकार प्राप्त मंत्री समूह थे और 21 सामान्य मंत्री समूह थे। एक समय ऐसा था, जब एक दर्जन से ज्यादा मंत्री समूहों की अध्यक्षता प्रणब मुखर्जी करते थे। सत्ता में आने के बाद मोदी ने स्थायी और अस्थायी मंत्री समूहों को खत्म कर दिया। उसके बाद ऐसा लगता है कि सरकार का संकल्प रहा कि मंत्री समूह नहीं बनाना है। तीसरी सरकार में संभवतः पहली बार नरेंद्र मोदी ने मंत्री समूह...

  • पश्चिम एशिया संकट पर आज सर्वदलीय बैठक बुलाएगी सरकार

    पश्चिम एशिया में विकसित हो रहे संकट के बीच भारत पर इसके आर्थिक और सुरक्षा प्रभावों को लेकर बढ़ती चिंताओं के मद्देनज़र सरकार बुधवार को राजनीतिक नेताओं को जानकारी देने के लिए सर्वदलीय बैठक आयोजित करेगी।  बैठक बुधवार शाम 5 बजे संसद परिसर के भीतर निर्धारित है और इसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा पार्टी नेताओं को ताज़ा घटनाक्रम और भारत की कूटनीतिक स्थिति की जानकारी दिए जाने की उम्मीद है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद के दोनों सदनों में दिए गए बयानों के बाद की जा रही है, जिसमें उन्होंने स्थिति...

  • थोपे गए सन्नाटे का नाम शांति

    शांति, शांति तब तक ही रहती है जब तक वह स्वीकार्य है। जैसे ही सत्ता भारी पड़ने लगती है—प्रभावशाली, स्वार्थी और आत्ममुग्ध—शांति दरकने लगती है, टूटने लगती है। बेशक, शुरुआत के लिए यह एक उदास वाक्य है, लेकिन मौजूदा समय की सच्चाई यही है। पश्चिम एशिया में जो “शांति” आई है, वह दो वर्षों की लगातार बमबारी के बाद आई है, ऐसे वर्ष जिन्होंने एक पीढ़ी को मिटा दिया और दूसरी को अपंग बना दिया। क्योंकि यह शांति भी पहली बार नहीं आई। कई बार पहले भी आई है, युद्धविराम के वस्त्रों में, कूटनीतिक भाषा में सजी-संवरी, और हर बार...

  • अब किस मुकाम पर पश्चिम एशिया का युद्ध?

    इजराइल ने लेबनान पर जमीनी हमले की शुरुआत कर दी है। विश्लेषकों के मुताबिक अब इस युद्ध का परिणाम इसी युद्ध पर निर्भर करता है। 2006 की तरह हिज्बुल्लाह ने इजराइल को विजयी नहीं होने दिया, तो इजराइल को हालात बेहद प्रतिकूल हो जाएंगे। लेकिन इजराइल जीता, तो फिर यह संभव है कि फिलहाल इस इलाके पर उसका वर्चस्व फिर कायम हो जाए।  लेकिन क्या उससे मौजूद युद्ध थम जाएगा? पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध में सितंबर के दूसरे पखवाड़े में समीकरण नाटकीय रूप से बदले। निर्विवाद है कि इस अवधि में इजराइल ने बाजी पलट दी। सितंबर के...