west Bengal violence

  • हिंसा, अव्यवस्था के भंवर में बंगाल

    अगर एक बार समय की कमी या किसी अन्य आधार पर लाखों लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होता है और उसके बगैर चुनाव हो जाता है तो इसकी एक मिसाल बन जाएगी। इस बार भले स्वाभाविक कारणों से ऐसा हो लेकिन भविष्य में ऐसा भी हो सकता है कि इस घटनाक्रम की मिसाल बना कर राजनीतिक कारणों से लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया जाए। पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का काम पूरा हो गया है। पहले चरण के मतदान में सिर्फ 18 दिन बचे हैं...