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  • हमेशा व्हिप की तलवार ठीक नहीं है

    कांग्रेस के सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वकील मनीष तिवारी ने एक प्राइवेट मेंबर बिल संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया है। जैसे बाकी सारे प्राइवेट मेंबर बिल के साथ होता है वैसे ही इस बिल का भविष्य भी पहले से तय है। सदन के पटल पर खारिज हो जाना इसकी नियति है। लेकिन यह एक बेहद जरूरी और लोकतंत्र को मजबूती देने वाला विचार है, जिस पर निश्चित रूप से चर्चा होनी चाहिए। सभी पार्टियों को खुले दिल से इस पर चर्चा करनी चाहिए और सांसदों को दलगत निष्ठा से ऊपर उठ कर इसका समर्थन करना चाहिए। मनीष...