सिंधु सभ्यता से अशोक और मंदिर स्थापत्य तक
वैज्ञानिक हाथी को ‘पारिस्थितिकी तंत्र का अभियंता’ कहते हैं। वह सूखी नदी की रेत खोदकर दूसरे जीवों के लिए पानी उपलब्ध कराता है। घनी झाड़ियों को हटाकर छोटे वन्यजीवों के लिए रास्ते बनाता है। उसके मल के साथ दूर-दूर तक बीज फैलते हैं, जिनसे नए जंगल उगते हैं। एक हाथी अनजाने में पूरे जंगल का माली बन जाता है।... ऋषि पालकाप्य की रचना पालकाप्य संहिता है। लगभग 160 अध्यायों और 20,000 श्लोकों वाला यह विशाल ग्रंथ हाथियों के जीवन पर दुनिया की सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण कृतियों में माना जाता है। विश्व हाथी दिवस सृष्टि की शुरुआत से लेकर आधुनिक...