कायस्थ नेताओं की शिकायत और टीएमसी

complaint of kayastha leaders : एक समय था, जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में चार कायस्थ मंत्री होते थे। देश में कुल चार कायस्थ सांसद थे- यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा, रविशंकर प्रसाद और रीता वर्मा और चारों केंद्र में मंत्री थे। आज दो कायस्थ सांसद हैं और दोनों सरकार से बाहर हैं। रविशंकर प्रसाद को केंद्रीय मंत्री पद से हटाए जाने के बाद अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष सुबोधकांत सहाय ने एक प्रेस बयान जारी करके कहा कि सभी पार्टियां कायस्थ समाज का अपमान कर रही हैं। complaint of kayastha leaders : उन्होंने भाजपा पर खासतौर से निशाना साधा और आरके सिन्हा को दोबारा राज्यसभा नहीं देने, जयंत सिन्हा को मंत्री नहीं बनाने और रविशंकर प्रसाद को मंत्रिमंडल से हटा देने का जिक्र किया। ध्यान रहे कायस्थ भाजपा का कोर वोट है लेकिन कायस्थ नेताओं का कहना है कि भाजपा इस पढ़े-लिखे वर्ग के नेताओं की अनदेखी कर रही है। Priyanka Gandhi तीन दिन के लखनऊ दौरे पर, पार्टी कार्यकर्ताओं को देंगी चुनावी मंत्र इस बीच ऐसा लग रहा है कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस कायस्थ नेताओं की पहली पसंद बन रही है। भाजपा के पूर्व नेता और पूर्व वित्त व विदेश मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने… Continue reading कायस्थ नेताओं की शिकायत और टीएमसी

शरद पवार और विपक्ष : उम्मीद, भरोसा किस चेहरे से?

शरद पवार और विपक्ष : शरद पवार के घर पर कुछ विपक्षी पार्टियों और कुछ जाने-माने नागरिकों की जो बैठक हुई है उसका मकसद समझना मुश्किल नहीं है। बैठक के बाद भले पवार की पार्टी के नेता कहें कि यह बैठक उन्होंने नहीं बुलाई थी या यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं थी लेकिन हकीकत सबको पता है। यह 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले देश में लोगों के सामने एक विकल्प पेश करने, एक अलग विचारधारा दिखाने और देश के लोगों को एक अलग कहानी सुनाने के मकसद से हुई। आगे इसका स्वरूप और स्पष्ट होगा। थोड़े दिन के बाद यह भी साफ होगा कि इस समूह के नेता कांग्रेस के नेतृत्व वाले दूसरे मोर्चे का साथ किस तरह का चुनावी तालमेल करेंगे। यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में चुनाव की क्या जल्दी है? लेकिन उससे पहले सवाल है कि क्या इस समूह में ( शरद पवार और विपक्ष) कोई चेहरा ऐसा है, जो उम्मीद जगा सके या देश के लोगों को भरोसा दिलाए? यह प्रयास कुछ कुछ वैसा  ही है जैसा 2011 में अरविंद केजरीवाल ने किया था। उन्होंने इसी तरह देश भर के सामाजिक कार्यकर्ताओं को और जाने-माने लोगों को एक जगह इकट्ठा किया था और इंडिया अगेंस्ट करप्शन… Continue reading शरद पवार और विपक्ष : उम्मीद, भरोसा किस चेहरे से?

Yashwant Sinha Rashtramanch Meeting : भाजपा-विरोधी ‘राष्ट्रमंच’ की नाकामी

Yashwant Sinha Rashtramanch Meeting : तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने पहल की और अपने ‘राष्ट्रमंच’ की ओर से देश के राजनीतिक दलों की एक बैठक बुलाई। विपक्षी दलों की इस बैठक की हफ्ते भर से अखबारों में बड़ी चर्चा हो रही थी। कहा जा रहा था कि सारे विपक्षी दलों का जबर्दस्त गठबंधन खड़ा किया जाएगा, जो अगले आम चुनाव में नरेंद्र मोदी और भाजपा को चित्त कर देगा लेकिन हुआ क्या ? खोदा पहाड़ और उसमें से चुहिया भी नहीं निकली। यह भी पढ़ें: यह कैसा धर्मांतरण है ? चुहिया भी नहीं निकली, यह मैं इसलिए कह रहा हूं कि बैठक के बाद इसके प्रवक्ता ने एकदम शीर्षासन की मुद्रा धारण कर ली। उसने सबसे बड़ी बात यह कही कि यह बैठक उन्होंने वैकल्पिक सरकार बनाने के हिसाब से नहीं बुलाई थी और इसका लक्ष्य भाजपा सरकार का विरोध करना नहीं है। यदि ऐसा ही था तो फिर इसे क्यों बुलाया गया था ? इसमें सभी छोटी-मोटी पार्टियों को तो बुलाया गया था लेकिन भाजपा को आयोजक लोग कैसे भूल गए ? भाजपा को इसमें क्यों नहीं बुलाया गया ? देश की स्थिति सुधारने में क्या उसका कोई योगदान नहीं हो सकता है… Continue reading Yashwant Sinha Rashtramanch Meeting : भाजपा-विरोधी ‘राष्ट्रमंच’ की नाकामी

पवार के घर पर जुटे विपक्षी नेता

Sharad Pawar Yashwant Sinha Meeting : नई दिल्ली। एनसीपी के प्रमुख शरद पवार के घर पर मंगलवार को कई विपक्षी पार्टियों के नेता जुटे। तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए भाजपा के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा के बनाए राष्ट्र मंच के तहत विपक्षी नेताओं का यह जमावड़ा हुआ। इस बैठक में शरद पवार के अलावा यशवंत सिन्हा भी शामिल हुए। बैठक के बाद पवार की पार्टी के नेता माजिद मेमन ने सफाई देते हुए कहा कि यह तीसरे मोर्चे की बैठक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक शरद पवार ने नहीं बुलाई थी। कांग्रेस पार्टी को इसमें नहीं बुलाया गया था। गौरतलब है कि ममता बनर्जी के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पिछले दो हफ्ते में दो बार शरद पवार से मुलाकात की है। सोमवार को भी वे पवार से मिले थे और उसके बाद ही यह बैठक बुलाई गई थी। हालांकि खुद प्रशांत किशोर ने सोमवार को ही कहा था कि अगले चुनाव में कोई तीसरा या चौथा मोर्चा नरेंद्र मोदी को नहीं हरा पाएगा। माना जा रहा है कि प्रशांत किशोर विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। बहरहाल, मंगलवार को हुई बैठक के बाद माजिद मेमन ने कहा- मीडिया में… Continue reading पवार के घर पर जुटे विपक्षी नेता

बड़े खेला की तैयारी :  गैर कांग्रेस विपक्ष के नेताओं को संबोधित करेंगे शरद पवार

मुंबई | देश की राजनीति में बहुत कुछ बदलने वाला है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार अब बहुत बड़ा खेला खेलने की तैयारी में है. इसमें कोई शक नहीं है कि शरद पवार एक बड़े राजनीतिज्ञ हैं. अब एक बार फिर से उन्होंने यह साबित कर दिया है. एनसीबी नेता कल दिल्ली में गैर कांग्रेस विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक करने वाले हैं. बता दें कि 2018 में यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रीय मंच का गठन किया था. फिलहाल यशवंत सिन्हा टीएमसी के उपाध्यक्ष हैं. बताया जा रहा है कि इस बैठक में यशवंत सिन्हा शरद पवार के साथ ही और भी कई जाने-माने नेता शामिल होने वाले हैं. इस बैठक में शामिल होने वाले बड़े नेता ने अपना नाम ना बताने की शर्त पर बताया कि कल की इस बैठक में शरद पवार राष्ट्र मंच को कुछ सलाह देंगे और आगे की रणनीति पर भी अपने सुझाव देंगे. पिछले दो बार हुई है प्रशांत किशोर से मुलाकात यह स्पष्ट कर दें कि राष्ट्र मंच कोई राजनीतिक मंच नहीं है. लेकिन जिस तरह से मौजूदा समय में शरद पवार प्रशांत किशोर से मिलते रहे हैं ऐसे में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भविष्य में… Continue reading बड़े खेला की तैयारी : गैर कांग्रेस विपक्ष के नेताओं को संबोधित करेंगे शरद पवार

ममता किसको राज्यसभा में भेजेंगी?

पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की दो सीटें खाली हैं। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिनेश त्रिवेदी ने राज्य में हुए विधानसभा चुनाव से ऐन पहले पाला बदल कर भाजपा का दामन थाम लिया था। उन्होंने तृणमूल छोड़ने के साथ ही राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया था। इसी तरह तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस छोड़ कर आए मानस भुइंया को विधानसभा का चुनाव लड़ाया था। वे चुनाव जीत कर राज्य सरकार में मंत्री बन गए हैं। सो, इन दोनों की सीटों पर उपचुनाव होना है। अब सवाल है कि ममता बनर्जी अपनी पार्टी के हार्डकोर किसी कार्यकर्ता या नेता को उच्च सदन में भेजेंगी या किसी बाहरी नेता को मौका मिलेगा। यह भी पढ़ें: राज्यसभा में घटेगी भाजपा की सीट! तृणमूल के जानकार सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी एक सीट स्थानीय नेता को देंगी और दूसरी किसी बाहरी नेता को मिल सकती है। इस लिहाज से दिनेश त्रिवेदी वाली सीट हाल ही में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए यशवंत सिन्हा को मिल सकती है। उन्हें राज्यसभा में भेज कर ममता बनर्जी भाजपा को दबाव में लाने का प्रयास करेंगी। यशवंत सिन्हा उनकी अखिल भारतीय राजनीति करने की योजना में भी फिट बैठेंगे। पिछले दिनों यशवंत सिन्हा के ट्विट को… Continue reading ममता किसको राज्यसभा में भेजेंगी?

ममता की कहानी यशवंत सिन्हा की जुबानी

जब अटल बिहारी वाजपेयी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में इस पर विचार शुरू हुआ तो ममता बनर्जी ने उस समय यह प्रस्ताव रखा था कि वे बंधक बन कर आतंकवादियों के पास रहने को तैयार हैं

तृणमूल में शामिल हुए यशवंत सिन्हा

केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में वित्त एवं विदेश मंत्री रहे यशवंत सिन्हा पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेस में आज शामिल हो गए।

भारत की अर्थव्यवस्था चिंताजनक: यशवंत सिन्हा

मुंबई से गांधी शांति संदेश यात्रा लेकर  उत्तर प्रदेश के कानपुर में पहुंचे पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा है कि एक तरफ जहां देश में प्रजातंत्र खतरे में है, वहीं अर्थव्यवस्था को लेकर पूरी दुनिया भारत की स्थिति से चिंतित है।

केंद्र सरकार पूरी तरह कंगाल हो चुकी है : यशवंत सिन्हा

देश के पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने केन्द्र सरकार पर आज निशाना साधा और कहा कि सरकार पूरी तरह कंगाल हो चुकी है, और इसीलिए वह लोगों का ध्यान भटकाने का काम कर रही है।

सीएए और एनआरसी से भारत की छवि का नुकसान : सिन्हा’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के असंतुष्ट नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने आज कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के बारे में लिये गये गलत फैसलाें से उपजे जनाक्रोश से दुनिया भर में देश की छवि को नुकसान पहुंचा है।

संविधान खतरे में है : यशवंत सिन्हा

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा है कि देश का संविधान खतरे में है क्योंकि देश को धार्मिक आधार पर बांटने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सीएए का खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा : सिन्हा

भाजपा के पूर्व वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर भगवा पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा

यशवंत सिन्हा ने शुरू की गांधी शांति यात्रा

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के खिलाफ पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा की “गांधी शांति यात्रा”

सीएए ,एनआरसी के खिलाफ देशव्यापी ‘गांधी शांति यात्रा’ : यशवंत

पूर्व सांसद यशवंत सिन्हा ने नागरिकता संशोधन कानून(सीएए)और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर(एनआरसी) के विरोध में देशव्यापी ‘गांधी शांति यात्रा’

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