• पार्टियां ही नहीं, मीडिया की साख भी दांव पर लगी है

    भोपाल। चुनाव में कई साख दांव पर लगती हैं . कुछ प्रतिष्ठित प्रतिमान और सम्मान अधिक मजबूत हो जाते हैं .कई प्रतिष्ठान ध्वस्त हो जाते हैं . लेकिन इस बार यानी 2023 में विधानसभा चुनाव की स्थिति कुछ अलग है . पांच राज्यों में जहां चुनाव प्रक्रिया चल रही है या जहां केवल परिणाम शेष हैं इस बार मीडिया की साख भी दांव पर लगी है . पहले भी चुनावी रस्साकशी में पार्टियों के साथ साथ मीडिया भी इस या उस ओर के लिए जोश दिलवाने में शामिल हो जाता था. ऐसे उदाहरण अपवाद होते थे,कम होते थे ,कहीं कहीं...

  • शरद यादवः उनसे मिली नई राजनीतिक दृष्टि

    शरद जी को मैं भारतीय राजनीति का एक बड़ा नेता मानता हूं। ...देश की समस्याओं, राजनीति, वैचारिक मुद्दों, या‘आफ रिकार्ड’ या ‘आन रिकार्ड’खबरों से बार-बार अहसास होता था कि शरदजी की सियासी सोच कितनी साफ है। अपने छात्र जीवन में जिन कुछ नेताओं के भाषण और उनकी विचारधारा मुझे प्रभावित करती थी, उनमें से एक शरदजी थे। लेखक: प्रदीप श्रीवास्तव सुबह आंख खुलते मोबाइल पर जो पहला संदेश दिखातो उसने मुझे भीतर तक झकझोर दिया। बिस्तर से उठ बैठा। एक के बाद एक कई बाते, यादें दिमाग में आती गई। बहुत सी यादे, बहुत सी बाते और साथ में यह...