राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता टॉम स्केरिट का निधन

‘टॉप गन’, ‘एलियन’, ‘एमएएसएच’ और ‘पिकेट फेन्स’ जैसी फिल्मों और धारावाहिकों में यादगार अभिनय से करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करने वाले हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता थॉमस टॉम स्केरिट का निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे।

स्केरिट का 21 अक्टूबर को निधन हुआ। उनके परिवार ने इसकी पुष्टि की और उन्हें हास्यबोध, समझदारी, उदारता और करुणा से भरपूर व्यक्तित्व के रूप में याद किया। छह दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने अपने विविधतापूर्ण अभिनय से प्रशंसा हासिल की। पर्दे पर अपने काम के साथ-साथ उन्होंने उभरते फिल्मकारों और सैन्य पूर्व सैनिकों की मदद करके अपनी अकिट छाप छोड़ी।

स्केरिट के परिवार में उनकी तीसरी पत्नी जूली तोकाशिकी हैं, जिनसे उन्होंने 1998 में शादी की थी। उनके पांच बच्चे एंडी, एरिन, मैट, कॉलिन और एमिको तथा दो पोते-पोतियां मैरीगोल्ड और रवि हैं।

परिवार के सदस्यों ने कहा उनके निधन से हमारा दिल टूट गया है। दुनिया टॉम को उनके शानदार अभिनय करियर के लिए जानती थी लेकिन हम उन्हें उनके हास्यबोध, जिज्ञासा, समझदारी, उदारता और हमारे जीवन में लाए गए प्रेम के लिए जानते थे।

उन्होंने कहा उन्हें कल्पनाशीलता, रचनात्मकता, कहानी कहने की कला, सेवा, पूर्व सैनिकों, प्राकृतिक दुनिया और दूसरों को अपनी आवाज खोजने तथा उसे लोगों तक पहुंचाने में मदद करने की गहरी चिंता थी।

‘द हॉलीवुड रिपोर्टर’ के अनुसार, स्केरिट ने 11 ऑस्कर नामांकन हासिल करने वाली फिल्म ‘द टर्निंग पॉइंट’ (1977) में शर्ली मैकलेन के पति की भूमिका भी निभाई थी। उन्होंने ‘टॉप गन’ (1986) में टॉम क्रूज के वायुसेना प्रशिक्षक माइक ‘वाइपर’ मेटकाफ का किरदार निभाया था। इसके अलावा, रॉबर्ट रेडफोर्ड की फिल्म ‘ए रिवर रनस थ्रू इट’ (1992) में पादरी और मैकलीन परिवार के मुखिया की भूमिका में भी शानदार अभिनय से फिल्मों को यादगार बनाया।

Also Read : ‘प्रताप’ से बड़े पर्दे पर वापसी करेंगी ईशा देओल

खुले वातावरण में रहने वाली छवि और घनी, खुरदरी मूंछों के लिए मशहूर इस आकर्षक अभिनेता ने छह दशक लंबे करियर के दौरान अपनी व्यक्तित्व की छाप छोड़ी। उन्हें अक्सर अधिकारपूर्ण भूमिकाओं में लिया जाता था। इसका एक उदाहरण वर्ष 2000 में टीबीएस के लिए बनी फिल्म ‘हाई नून’ के रीमेक में निभाया गया प्रतिष्ठित कानून प्रवर्तन अधिकारी विल केन का किरदार है।थॉमस रॉय स्केरिट का जन्म 25 अगस्त, 1933 को मोटर सिटी यानी डेट्रॉइट में हुआ था। वर्ष 1951 में मैकेंजी हाई स्कूल से स्नातक होने के बाद उन्होंने दुनिया देखने की उम्मीद में वायुसेना में भर्ती हो गये। हालांकि, पायलट बनने के लिए आवश्यक कौशल नहीं होने के कारण उन्होंने वर्दी में अपना अधिकांश समय ऑस्टिन में वर्गीकरण विशेषज्ञ के रूप में बिताया। इसके बाद यह मशहूर अभिनेता अंग्रेजी की पढ़ाई करने के लिए अपने गृहनगर लौटे और वेन स्टेट यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया।

लेखक या निर्देशक के रूप में करियर बनाने का फैसला करने के बाद स्केरिट ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स (यूसीएलए) में दाखिला ले लिया। वहां उन्होंने अपने संकोची स्वभाव को दूर करने के प्रयास में अभिनय भी किया। उस समय उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह अभिनय से अपनी आजीविका कमा सकेंगे।

इसके अलावा, उनकी अन्य उल्लेखनीय फिल्मों में ‘सैवेज हार्वेस्ट’ (1981), ‘द डेड जोन’ (1983), ‘स्पेसकैंप’ (1986), ‘मेड टू ऑर्डर’ (1987), ‘द रूकी’ (1990), ‘स्टील मैगनोलियाज’ (1989), ‘कॉन्ट्रैक्ट’ (1997), ‘द अदर सिस्टर’ (1999), ‘टियर्स ऑफ द सन’ (2003), ‘बोनविल’ (2006), ‘रिडेम्पशन रोड’ (2010), ‘ए होलोग्राम फॉर द किंग’ (2016) और ‘डे ऑफ डेज’ (2017) शामिल हैं।

हॉलीवुड से इतर, स्केरिट ने सिएटल में ‘द फिल्म स्कूल’ की स्थापना में भी मदद की, जिसका उद्देश्य फिल्मकारों और कहानीकारों की अगली पीढ़ी को प्रोत्साहित करना था। उन्होंने ‘रेड बैज प्रोजेक्ट’ की सह-स्थापना भी की, जो पूर्व सैनिकों को अपने अनुभव लिखने और साझा करने के माध्यम से पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी), चिंता और अवसाद से उबरने में मदद करता है।

Pic Credit : UNI

By Naya India

Naya India, A Hindi newspaper in India, was first printed on 16th May 2010. The beginning was independent – and produly continues to be- with no allegiance to any political party or corporate house. Started by Hari Shankar Vyas, a pioneering Journalist with more that 30 years experience, NAYA INDIA abides to the core principle of free and nonpartisan Journalism.

Leave a comment