पटना। बिहार (Bihar) में पिछले पांच वर्षों के दौरान नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान (campaign) के बाद नक्सली घटनाओं (Naxalite incidents) में कमी आई है। ऐसी स्थिति में नक्सल (Naxal) प्रभावित जिलों में स्थिति सामान्य होती जा रही है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में पिछले वर्ष 13 नक्सली घटनाएं हुई, जबकि 2021 में 16 घटनाओं को नक्सलियों ने अंजाम दिया था। इसी तरह 2020 में राज्य भर में 26 नक्सली घटनाएं हुई थी, जबकि 2019 में 39, 2018 में 40 तथा 2017 में 71 नक्सली घटनाएं हुई थी। आंकड़ों से साफ है कि पिछले पांच साल में पिछले साल राज्य में सबसे कम नक्सली वारदात हुई।
मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल नक्सली घटनाओं में सिर्फ एक नागरिक की मौत हुई, जबकि उससे पहले 2021 में आठ, 2020 में पांच, 2019 में 11, 2018 में 13 और 2017 में 17 लोगों को नक्सली घटनाओं में अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
इसी तरह देखें तो नक्सलियों के खिलाफ छापेमारी अभियान में पिछले वर्ष पुलिस को काफी सफलता हाथ लगी। पिछले वर्ष यानी 2022 में नक्सलियों के 20 हथियार बरामद किए गए जबकि 2021 में पुलिस को नक्सलियों के मात्र सात हथियार हाथ लगे थे।
वर्ष 2020 में पुलिस ने नक्सली के 11 हथियार जब्त किए थे जबकि 2017 में पुलिस नक्सलियों के मात्र 12 हथियार ही बरामदगी कर सकी थी।
पुलिस आंकड़े के मुताबिक, पिछले साल नक्सलियों के पास से 34,74,175 रुपए लेवी की राशि बरामद की गई। इससे पहले 2021 में 21,000 रुपए बरामद की गई थी। वर्ष 2020 में पुलिस ने नक्सलियों से 17 लाख रुपए बरामद किए थे जबकि 2019 में 4,95000 रुपए नक्सलियों की राशि पुलिस को हाथ लगे थे।
बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जितेंद्र सिंह गंगवार (Jitendra Singh Gangwar) ने कहा कि अब समय बदल गया है। नक्सल प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों को भी समाज (society) की मुख्यधारा में लाया गया। विकास के कामों से इन्हें जोड़ा गया। (आईएएनएस)
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



