चंडीगढ़। हरियाणा में चल रही राजनीतिक उलटफेर के बीच ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी में टूट हो सकती है। उनकी पार्टी के तीन विधायकों ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। जानकार सूत्रों के मुताबिक यह संख्या बढ़ भी सकती है। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले मंगलवार को तीन निर्दलीय विधायकों ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया था और कांग्रेस के साथ चले गए थे। उसके बाद सरकार अल्पमत में आ गई थी।
अब खबर है कि दुष्यंत चौटाला की पार्टी के तीन विधायकों ने गुरुवार दोपहर दो बजे के करीब पानीपत में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। राज्य सरकार के मंत्री और भाजपा नेता महिपाल ढांडा के घर पर यह मुलाकात हुई। जननायक जनता पार्टी के बागी विधायक और पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली ने बताया कि पार्टी के 10 में से छह विधायक अलग हो सकते हैं। बबली ने इन विधायकों की एक बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि इससे पहले दुष्यंत चौटाला की बुलाई बैठक में 10 में से सिर्फ पांच विधायक ही पहुंचे थे।
बहरहाल, गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने राज्यपाल को पत्र लिखा। चौटाला ने कहा कि अगर बहुमत नहीं तो तुरंत राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त के भी आरोप लगाए। गौरतलब है कि भाजपा और जजपा की गठबंधन सरकार में दुष्यंत साढ़े चार साल क उप मुख्यमंत्री रहे। लेकिन इस साल मार्च में मुख्यमंत्री बदलने के साथ ही भाजपा ने चौटाला से तालमेल भी समाप्त कर दिया।
इस बीच कांग्रेस पार्टी ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मिलने के लिए समय मांगा है। पार्टी का कहना है कि नायब सिंह सैनी की अगुआई वाली राज्य सरकार बहुमत खो चुकी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राज्यपाल से 10 मई को मिलने का समय मांगा गया है। उन्होंने कहा- हमारे विधायकों का डेलिगेशन जाएगा। दुष्यंत चौटाला भी अपने विधायक लेकर आ जाएं। मौजूदा सरकार अल्पमत में आ गई है। नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। राष्ट्रपति शासन लागू कर चुनाव कराने चाहिए। जननायक जनता पार्टी ने भी राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर सैनी सरकार के फ्लोर टेस्ट की मांग की है।
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