चंडीगढ़। पंजाब (Punjab) के नवनिर्वाचित सांसद अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) और नौ अन्य की असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल (Dibrugarh Central Jail) में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत बुधवार को एक साल के लिए बढ़ा दी गई। ये सभी पिछले साल मार्च से जेल में हैं।
‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) और उसके तीन सहयोगियों की हिरासत 24 जुलाई को समाप्त होने वाली थी, जबकि छह अन्य सहयोगियों की हिरासत 18 जून को समाप्त होने वाली थी। हाल ही में हुए आम चुनाव में, सिख कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह ने खडूर साहिब सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा को 1,97,120 मतों से हराया।
अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के समर्थक व उससे सहानुभूति रखने वाले उसे 1984 में भारतीय सेना के ऑपरेशन ब्लू स्टार में मारे गए सिख अलगाववादी जनरैल सिंह भिंडरावाले की परंपरा का एक नया नेता मानते हैं। अमृतपाल खुद भी भिंडरावाले को अपने लिए प्रेरणा मानता है। खालिस्तान समर्थक प्रचारक और स्वयंभू उपदेशक अमृतपाल सिंह जेल जाने से पहले अलगाववादी दुष्प्रचार कर रहा था। शक्ल और नेवी ब्लू पगड़ी, सफ़ेद चोला व तलवार के आकार की कृपाण धारण करने के कारण उसकी तुलना भिंडरावाले से की जाने लगी थी।
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