कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि विधान परिषद के सभापति बसवराज होराट्टी ने स्वेच्छा से अपना इस्तीफा सौंपा था और उसे स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने राज्यपाल के पास की गई इस शिकायत को खारिज कर दिया कि उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था।
राज्यपाल थावरचंद गहलोत से श्री होराट्टी की शिकायत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री शिवकुमार ने कहा कि परिषद के सभापति ने खुद सरकार से संपर्क किया था और अपनी इच्छा से इस्तीफा देने के संकेत दिए थे, जिसके बाद उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। श्री शिवकुमार ने कहा उन्होंने आकर कहा कि वह इस्तीफा देंगे। हमने इसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने खुद इस्तीफा दिया था।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद श्री होराट्टी द्वारा राज्यपाल के पास यह शिकायत लेकर जाना कि उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था, एक संवैधानिक विवाद पैदा करने का प्रयास प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्यपाल के कार्यालय का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रही है।
श्री शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से राज्यपाल से मुलाकात की थी और परिषद के सभापति तथा उपसभापति के पद से संबंधित कानूनी और संवैधानिक स्थिति सहित श्री होराट्टी के इस्तीफे से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में विस्तार से बताया था।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस्तीफा विधिवत रूप से प्रस्तुत और स्वीकार किया गया था तथा संबंधित अधिसूचना भी जारी कर दी गई है, जिससे इस पद की स्थिति को लेकर कोई असमंजस नहीं बचा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व परिषद के सभापति के पद और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों के संबंध में अपने अगले कदम पर फैसला करेगा।
कर्नाटक विधान परिषद में जारी राजनीतिक हलचल के बीच यह विवाद सामने आया है। सत्तारूढ़ कांग्रेस परिषद के नेतृत्व में बदलाव पर विचार कर रही है।
Pic Credit : ANI
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