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सीएम वी.डी. सतीशन ने पेश किया केरल बजट 2026

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शुक्रवार को राज्य का अपना पहला बजट पेश किया, जो उनके ढाई दशक से अधिक लंबे विधायी करियर में एक अहम पड़ाव है। 

वित्त विभाग का कामकाज भी संभाल रहे सीएम सतीशन ने विधानसभा में 2026-27 के लिए संशोधित बजट पेश किया। इसके साथ ही सतीशन उन चुनिंदा मुख्यमंत्रियों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बजट पेश किया है। उनसे पहले केरल में केवल आर. शंकर और ओमन चांडी ने ही मुख्यमंत्री के तौर पर बजट पेश किया था।

केरल की वित्तीय स्थिति पर ‘श्वेत पत्र’ के आंकड़ों का हवाला देते हुए अपना भाषण शुरू करते हुए सतीशन ने कहा कि स्पष्ट जनादेश के साथ सत्ता में आई सरकार ‘नए दौर का केरल’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह बजट ‘सुशासन और संवेदना’ की थीम पर आधारित है, जिसमें बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी उपायों पर समान रूप से जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री सतीशन ने चेतावनी दी कि केरल को गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरे राज्यों की तुलना में केरल का अपना राजस्व कम था, जबकि सरकार पर केआईआईबीएफ प्रोजेक्ट्स के लिए संसाधन जुटाने की भी जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि केआईआईबीएफ ने वित्तीय असंतुलन पैदा किया है और इसके कामकाज की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि सरकार को भविष्य में बड़ी वित्तीय देनदारियों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें वेतन संशोधन का असर भी शामिल है।

सतीशन ने बताया कि पिछले बजट में केंद्र के हिस्से का गलत अनुमान लगाया गया था और राज्य को 20,500 करोड़ रुपये की कमी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 35,000 करोड़ रुपये की सालाना योजना राशि में भी उसी अनुपात में कटौती की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक तंगी के बावजूद सरकार कल्याणकारी योजनाएं जारी रखेगी। उन्होंने केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का जिक्र किया।

सरकार ने यह भी संकेत दिया कि कल्याणकारी पेंशन को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का चुनावी वादा चरणों में पूरा किया जाएगा।

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निवेश को बढ़ावा देने के लिए, बजट में 10,000 एमएसएमई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की गई। निवेशकों को आने वाली बाधाओं, जैसे जमीन अधिग्रहण और मंजूरी में देरी को दूर करने के लिए एक ‘इन्वेस्ट केरल सेल’ बनाया जाएगा। कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक ग्लोबल कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा।

एयरपोर्ट के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें राज्य के चार एयरपोर्ट के विकास को एक साथ जोड़ने की योजना है।

बजट में ‘मिशन समुद्र’ की भी घोषणा की गई, जो एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इसका मकसद समुद्र तट, बंदरगाहों और जलमार्गों को जोड़कर केरल की समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

इस प्रोजेक्ट के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसका मकसद सड़क, समुद्री और आंतरिक जलमार्ग नेटवर्क को आपस में जोड़ना है।

सतीशन ने कहा कि सरकार का मकसद केरल को ‘पोर्ट सिटी’ में बदलना और विझिनजम में जहाज निर्माण केंद्र स्थापित करना है। कोल्लम, बेपोर और अझिक्कल बंदरगाहों के विकास और केरल समुद्री नीति बनाने की भी घोषणा की गई। समुद्री संग्रहालय के लिए 50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

बजट में रोजगार और कौशल के इस्तेमाल के मौके बनाकर राज्य में ही युवा टैलेंट को बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने ओमन चांडी के नाम पर एक व्यापक स्वास्थ्य योजना की भी घोषणा की, जिसके तहत सभी परिवारों को 25 लाख रुपये का हेल्थ कवर मिलेगा।

एक इंटरनेशनल फुटबॉल स्टेडियम की भी घोषणा की गई है। साथ ही, ‘केरल स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग एंड डिजाइन’ की भी शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि केरल के प्रवासी लोग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहे हैं, लेकिन अब सिर्फ रेमिटेंस (विदेश से भेजी जाने वाली कमाई) पर आधारित अर्थव्यवस्था से काम नहीं चलेगा।

उन्होंने आगे कहा अब हम अपने राज्य को इन्वेस्टमेंट-बेस्ड इकॉनमी (निवेश पर आधारित अर्थव्यवस्था) में बदलने के लिए उनका समर्थन चाहते हैं।

केरल की सत्ता में आई कांग्रेस सरकार का पहला बजट जिसे वित्तीय दबाव के बीच सीएम सतीशन द्वारा पेश किया गया है। बजट कल्याणकारी वादों और निवेश आधारित विकास के बीच संतुलन बनाने और केरल के लिए एक नया आर्थिक रोडमैप तैयार करने की कोशिश करता है।

Pic Credit : ANI

By Naya India

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