Hookah Parlours :- तेलंगाना विधानसभा में हुक्का पार्लरों पर प्रतिबंध लगाने के लिए सोमवार को बिल पास हुआ। बता दें कि बीते दिनों सिगरेट और तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 को विधानसभा में सर्वसम्मति के साथ बिना किसी चर्चा के पास किया गया। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की ओर से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन पर प्रतिबंध और व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण के विनियमन) का प्रस्ताव रखा और तेलंगाना संशोधन विधेयक 2024 पेश किया गया।
वहीं, इस बिल के उद्देश्यों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा सरकार ने यह महसूस किया है कि प्रदेश में हुक्का पार्लरों पर जल्द से जल्द प्रतिबंध लगाया जाए, क्योंकि यह युवाओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इसलिए मुख्यमंत्री ने हुक्का पार्लरों पर प्रतिबंध लगाए हैं। बीते दिनों इसे कैबिनेट ने भी अपना समर्थन दे दिया था। उन्होंने कहा कि युवा और खासकर कॉलेज जाने वाले विधार्थी हुक्का के आदि हो रहे हैं, जिसका कुछ संगठन फायदा भी उठा रहे हैं, जिसे ध्यान में रखते यह बिल पेश किया गया। मंत्री ने सदन को बताया कि हुक्का पीना सिगरेट पीने से भी ज्यादा हानिकारक है।
एक घंटे का लगभग 200 कश वाला हुक्का सिगरेट से 100 गुना ज्यादा हानिकारक होता है। उन्होंने कहा हुक्के में लकड़ी के कोयले का इस्तेमाल किया जाता है। यही नहीं, इससे निकलने वाले धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड, भारी धातुएं और कैंसर पैदा करने वाले रसायन जैसे खतरनाक उत्पाद शामिल होते हैं, जो कि आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि हुक्का पार्लर और बार में स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है। (आईएएनएस)
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