राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

जिस पार्टी की नींव कांशीराम ने रखी, उसे खत्म करने में लगी रहीं कांग्रेस-सपा: मायावती

लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। इसे लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधा है।  

बसपा की अध्यक्ष मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि सपा व कांग्रेस आदि ये दलित-विरोधी पार्टियां, इस बार यूपी में विधानसभा आम चुनाव के नजदीक आते ही, इनके वोटों के स्वार्थ में बीएसपी के संस्थापक कांशीराम की सोची-समझी रणनीति के तहत जयंती मनाकर तथा कांग्रेस पार्टी तो अपनी केंद्र की सरकार में रहकर इनको ’भारत रत्न’ की उपाधि न देकर, अब दूसरी पार्टी की सरकार से देने की मांग कर रही है, यह हास्यास्पद नहीं है तो क्या है?

Also Read : चुनाव आयोग ने केरल के 5 अधिकारियों का किया ट्रांसफर

उन्होंने कहा कि ये पार्टियां शुरू से ही बीएसपी को खत्म करने में लगी रही हैं, जिस पार्टी की कांशीराम ने खुद नींव रखी है, जिसे इनकी एकमात्र उत्तराधिकारी एवं बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के जीते-जी कोई हिला नहीं सकता है। इतना ही नहीं, बल्कि इससे ऐसा भी लगता है कि इन पार्टियों के महापुरुषों में कोई जान नहीं है, जो अब ये हमारे महापुरुषों को भुनाने में लगे हैं, जिन्होंने कांशीराम के जीते-जी हर मामले में हमेशा इनकी उपेक्षा की है। 

मायावती ने आगे कहा कि इनके सम्मान में बीएसपी सरकार द्वारा किए गए कार्यों को भी सपा सरकार द्वारा अधिकांशतः बदल दिया गया है। यह है इन पार्टियों का इनके प्रति दोगला चाल व चरित्र, इसलिए यदि सपा व कांग्रेस आदि के खासकर दलित चमचे चुप रहें तो उनके लिए यह बेहतर होगा। यही सलाह है। हालांकि, ऐसे लोगों से दूरी बनाने के लिए ही कांशीराम ने ’चमचा युग’ के नाम से अंग्रेजी में एक किताब भी लिखी है।

Pic Credit : ANI

Tags :

By Naya India

Naya India, A Hindi newspaper in India, was first printed on 16th May 2010. The beginning was independent – and produly continues to be- with no allegiance to any political party or corporate house. Started by Hari Shankar Vyas, a pioneering Journalist with more that 30 years experience, NAYA INDIA abides to the core principle of free and nonpartisan Journalism.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

7 + 8 =