अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपनी कैबिनेट की बैठक अयोध्या में की। इस बैठक में 14 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कई दिनों से इस कैबिनेट बैठक की चर्चा थी। गौरतलब है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा है और अगले साल 22 जनवरी को मंदिर का उद्घाटन होना है। उससे पहले गुरुवार को पूरी सरकार अयोध्या पहुंची थी।
अयोध्या में हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने इनलैंड वाटर वे प्राधिकरण के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अयोध्या मे श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ विकास परिषद के गठन को भी सरकार की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा फैसला किया गया कि मुजफ्फरनगर मे ‘शुक तीर्थ विकास परिषद’ का गठन किया जाएगा। इस बैठक में अयोध्या में मांझा जमथरा मे 25 एकड़ भूमि पर मंदिर म्यूजियम के निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने अयोध्या शोध संस्थान को अंतराष्ट्रीय रामायण वैदिक शोध संस्थान के रूप मे विस्तारित करके स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया है।
गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में हाथरस में दाऊजी लक्खी मेला का प्रांतीय करण करने का और अयोध्या के सभी मेलों का प्रांतीय करण करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। बुलंदशहर में गंगा मेला और वाराणसी में देव दीपावली आयोजन का प्रांतीय करण करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। प्रदेश में महिला स्वयंसेवी समूहों को उनके ही ब्लॉक मे प्लांट लगाने के प्रस्ताव को भी सरकार ने मंजूर कर लिया है। इस बैठक में ड्रोन पॉलिसी को मंजूरी दी गई है। इसमें तय किया गया कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र 28 नवंबर से आहूत किया जाएगा।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



