Kedarnath Dham Landslide: केदारनाथ मार्ग पर एक बार फिर हादसे की खबर सामने आई है, जिससे यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए है. इस बार बारिश के मौसम में केदार घाटी में कई हादसे हुए है. बारिश के मौसम में पहाड़ों पर इस तरह की घटनाएं आम होती है. केदारनाथ मार्ग पर सोनप्रयाग के पास सोमवार देर रात भूस्खलन की घटना सामने आई है. भूस्खलन की चपेट में आने से कई यात्री मलबे में दब गए. अब तक इस घटना में 4 लोगों को मौत हो चुकी है. SDRF ने तीन शव आज सुबह मलबे से निकाले, जबकि एक यात्री का शव रात को ही मलबे से निकाला गया था. तीन अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे है. आपको बता दें कि सोनप्रयाग से आगे गौरीकुंड के पास भूस्खलन हुआ है. पैदल यात्रियों के लिए केदारनाथ यात्रा का पहला पड़ाव सोनप्रयाग ही है.
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भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड
सोमवार दोपहर बाद केदारघाटी में भारी बारिश के कारण सोनप्रयाग से करीब आधा किलोमीटर आगे गौरीकुंड के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी भूस्खलन हो गया. इस भूस्खलन के दौरान कई तीर्थ यात्री, जो वहां से पैदल गुजर रहे थे, पहाड़ी से गिरे पत्थरों और मलबे की चपेट में आ गए. चार पैदल यात्री मलबे में दब गए। घटना की जानकारी रुद्रप्रयाग आपदा कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद तुरंत स्थानीय पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया.
SDRF की टीम ने मौके में पहुंचकर मलबे में दबे चारों यात्रियों को बाहर निकाला. हादसे में एक यात्री की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि 2 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए. सोमवार रात को ही सूचना मिलने पर मौके पर SDRF की टीम पहुंची. जहां टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और मलबे में दबे चार लोगों को बाहर निकाला. SDRF की टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है.
रुक रुककर हो रहा है भूस्खलन
SDM उखीमठ अनिल कुमार को हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि घायलों को प्राथमिक चिकित्सा के लिए गुप्तकाशी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसके अलावा एसडीआरएफ के SI अशीष डिमरी ने बताया कि घटना स्थल पर पत्थर गिरने से चुनौती पूर्ण हालात बने हुए हैं. वहां धीरे-धीरे भूस्खलन हो रहा है। जिससे पैदल यात्रियों को खतरा पैदा हो सकता है.
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