देहरादून। उत्तराखंड के वन क्षेत्रों में धार्मिक निर्माण पर निगरानी और अतिक्रमण पर नजर रखने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति (Chief Forest Conservator) कर दी गई है। मुख्य वन संरक्षक वन पंचायत (Chief Forest Conservator Van Panchayat ) एवं सामुदायिक वानिकी डॉ पराग मधुकर धकाते (Dr Parag Madhukar Dhakate) को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
दरअसल, उत्तराखंड के जंगलों में धार्मिक निर्माण के नाम पर अतिक्रमण किए जाने के मामले में वन विभाग में कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग के अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया है। डॉ पराग मधुकर धकाते जो फिलहाल मुख्य वन संरक्षक वन पंचायत एवं सामुदायिक वानिकी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं उन्हें अब नोडल अधिकारी नामित किया है।
नई जिम्मेदारी के तहत अब धार्मिक स्थलों और विभिन्न गतिविधियों की आड़ में वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर नोडल अधिकारी तमाम सूचनाएं एकत्रित करेंगे। इसके अलावा इसकी हर दिन समीक्षा भी होगी साथ ही इन अतिक्रमण पर हर दिन क्या कार्रवाई हुई, इस पर भी समीक्षा की जाएगी।
अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर संबंधित रिपोर्ट प्रमुख वन संरक्षक ऑफ को प्रेषित की जाएगी। जिसके बाद यह रिपोर्ट शासन में भेजी जाएगी। देखा जाए तो प्रदेश में वन क्षेत्रों में अवैध धार्मिक निर्माण को लेकर चला आ रहा विवाद एक बार फिर गर्म हो गया। है। अब वन विभाग ने इस मामले में सख्ती अपनाते हुए ऐसे किसी भी निर्माण पर तेजी से कार्रवाई करने के संकेत दे दिए हैं। इस कड़ी में अब नोडल अधिकारी नामित होने के बाद जल्दी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाये जाने की कार्रवाई भी की जाएगी। (आईएएनएस)|
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