नई दिल्ली। समुद्र के रास्ते नशीले पदार्थों के भारत आने का सिलसिला जारी है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, एनसीबी और भारतीय नौसेना ने शनिवार को समुद्र में एक विशेष अभियान के तहत भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त की। इसकी कीमत 25 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है। एनसीबी के अधिकारियों के मुताबिक, एनसीबी और भारतीय नौसेना द्वारा जब्त की गई हाई क्वालिटी वाली मेथामफेटामाइन के वजन और कीमत की गणना की गई है।
एनसीबी से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कुल जब्ती 2,525 किलो होने की है और इसकी कीमत 25 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है। एक बार ढाई टन से ज्यादा नशीले पदार्थ का पकड़ा जाना बड़ी बात है। पिछले कुछ समय से अरब सागर से लेकर हिंद महासागर तक में इस तरह की कई खेप पकड़ी गई है। अधिकारियों ने बताया है कि इसके आकलन में 23 घंटे से ज्यादा समय लगा। इसकी कीमत इसलिए अधिक आंकी गई है क्योंकि यह उच्च ग्रेड मेथामफेटामाइन है।
अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई ड्रग्स 134 बोरियों में थीं। मेथामफेटामाइन को एक किलो के पैकेट में रखा गया था। इस संबंध में एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। एनसीबी अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार संदिग्धों को सोमवार की शाम कोर्ट में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि शनिवार को, एनसीबी ने एक विशेष अभियान में भारतीय जल क्षेत्र में यह जब्ती की थी।
एनसीबी के उप महानिदेशक संजय कुमार सिंह ने कहा कि यह मौद्रिक मूल्य के मामले में सबसे बड़ी खेप है। उन्होंने कहा- एनसीबी और नौसेना ने हिंद महासागर में एक सफल ऑपरेशन किया। यह अपने मौद्रिक मूल्य के मामले में सबसे बड़ी खेप है। इसकी उत्पत्ति ईरान के चाबहार बंदरगाह से हुई थी, जिसका स्रोत पाकिस्तान है। उन्होंने आगे कहा कि यह खेप श्रीलंका, मालदीव और भारत के लिए थी।
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