नई दिल्ली। मुस्लिम देशों के संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी ओआईसी के बयान को लेकर भारत ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। ओआईसी ने रामनवमी के मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई हिंसा पर चिंता जाहिर की है। इस मामले में संगठन की तरफ से एक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि भारत में रामनवमी के जुलूस के दौरान हुई हिंसा से हम चिंतित हैं।
भारत ने ओआईसी के बयान के बयान को गलत बताते हुए कहा कि यह उनकी सांप्रदायिक सोच और भारत विरोधी एजेंडा का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा- हम ओआईसी के बयान की निंदा करते हैं। ओआईसी ने एक बार फिर जाहिर कर दिया है कि वो सांप्रदायिक विचारधारा रखते हैं और उनका एजेंडा भारत विरोधी है।
इससे पहले ओआईसी की ओर से जारी बयान में बिहार के बिहारशरीफ में 31 मार्च को हुई हिंसा का खास तौर पर जिक्र किया गया है। आरोप है कि इस घटना में एक लाइब्रेरी को जला दिया गया। बयान में भारत सरकार और स्थानीय प्रशासन से मांग की गई है कि वो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। इसके अलावा बिहार में ही नालंदा में हुई हिंसा की भी इस बयान में चर्चा की गई है। गौरतलब है कि रामनवमी के मौके पर बिहार के अलाव पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र आदि राज्यों में हिंसा हुई थी।
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