राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

मूडीज ने अमेरिकी बैंकिग क्षेत्र को नकारात्मक श्रेणी में रखा, दी परेशानियां बढ़ने की चेतावनी

न्यूयॉर्क। अमेरिकी रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सिलिकॉन वैली बैंक डूबने के बाद अमेरिकी बैंकिंग प्रणाली को भविष्य में और भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

मूडीज ने बैंकिंग क्षेत्र के लिए मूल्यांकन सूची में अमेरिकी बैंकिग क्षेत्र (US banking sector) को स्थिर से नकारात्मक (negative) शामिल कर दिया है और बैंकों में कामकाज के माहौल में तेजी से गिरावट की चेतावनी दी है। अमेरिकी और यूरोपीय बैंकिंग शेयरों में पहले से ही जारी गिरावट को देखते हुए मूडीज ने इनकी रैंकिंग में कमी की है और साथ ही कुछ बैंकों के लिए ग्राहकों के छोड़कर जाने का खतरा भी बताया है। बयान में कहा गया कि बढ़ती ब्याज दरें भी चुनौती दे रही हैं, जिससे कम ब्याज दरों पर सरकारी बाँड जैसी संपत्तियां खरीदने वाले बैंकों को अब नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मूडीज ने रिपोर्ट में कहा, जिन बैंकों को पर्याप्त रूप से अवास्तविक प्रतिभूतियों का नुकसान हुआ है और जिसके पास गैर-खुदरा तथा गैर-बीमाकृत अमेरिकी जमाकर्ता हैं, वे अभी भी जमाकर्ता प्रतिस्पर्धा या अंतिम उड़ान लिए ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं।

मूडीज ने कहा कि मुद्रा स्फीति की दर जब तक फेडरल बैंक की लक्षित सीमा में नहीं आ जाती है तब तक हमें जारी मौद्रिक नीति में और सख्ती बरती जाने तथा दबाव बने रहने की पूरी उम्मीद है। अमेरिका के 16वें सबसे बड़े बैंक सिलिकॉन वैली बैंक (Silicon Valley Bank) (एसवीबी) (SVB) के डूबने के बाद उत्पन्न हुए नुकसान से बचने के लिए अधिकारियों ने तेजी से कदम उठाए हैं।

अमेरिकी नियामकों ने बैंक का अधिग्रहण करते हुए कहा है कि वे सामान्य रूप से सरकार द्वारा बीमा किए गए 2,50,000 के स्तर से ज्यादा जमा की गारंटी देंगे। उन्होंने छोटे सिग्नेचर बैंक में भी इसी प्रकार के कदम उठाए हैं।

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, न्याय विभाग और प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग के अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, छोटे अमेरिकी बैंकों के कुछ ग्राहक बड़े संस्थानों में अपना निवेश करने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल ने कहा है कि उसे डूबे बैंकों के अलावा अन्य बैंकों से ग्राहकों के निकलने के सबूत नहीं मिले हैं। इसने कहा कि फेडरल रिजर्व द्वारा किए गए आपातकालीन उपायों से बैंक ग्राहकों के विश्वास में बढ़ोत्तरी होनी चाहिए। हालांकि, कहा कि स्थितियां अस्थिर बनी हुई हैं और कुछ बैंक दूसरों की तुलना में ज्यादा दिक्कत में दिखाई दे रहे हैं जिसमें फर्स्ट रिपब्लिक बैंक भी शामिल है। (वार्ता)

Tags :

By NI Desk

Under the visionary leadership of Harishankar Vyas, Shruti Vyas, and Ajit Dwivedi, the Nayaindia desk brings together a dynamic team dedicated to reporting on social and political issues worldwide.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

eight − three =