जयपुर। राजस्थान सरकार का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ (‘Chintan Shivir’) सोमवार का यहां शुरू हुआ जिसमें सरकार के विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हरीश चंद्र माथुर राजस्थान लोक प्रशासन संस्थान (Harish Chandra Mathur Rajasthan Institute of Public Administration) में इस शिविर की शुरुआत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक के साथ हुई।
इसके अनुसार बैठक में मुख्य सचिव ऊषा शर्मा (Usha Sharma) ने बताया कि राजस्थान स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल राज्य बन गया है जबकि शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के पिछले चार वर्ष के कार्यकाल में 94 प्रतिशत बजटीय घोषणाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछले चार साल की 75 फीसदी बजट घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं और बाकी घोषणाओं पर काम चल रहा है। इस दो दिवसीय शिविर में मुख्यमंत्री गहलोत बजटीय घोषणाओं के क्रियान्वयन और सभी विभागों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। विभिन्न विभागों के मंत्री अलग-अलग सत्रों में अपने विभागों के चार साल के कामकाज, बजटीय घोषणाओं के कार्यान्वयन, नवाचार आदि की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
शिविार में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल, शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह यादव और तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना, कृषि विपणन राज्य मंत्री मुरारी लाल मीणा, गोपालन मंत्री प्रमोद भाया, ऊर्जा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी, लोक निर्माण मंत्री भजन लाल जाटव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महेश जोशी और जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय आज विभिन्न सत्रों में अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट पेश करेंगे।
वहीं शिविर के दूसरे दिन मंगलवार को नगर विकास एवं आवास मंत्री शांति कुमार धारीवाल, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा, गृह राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह यादव, परिवहन एवं सड़क सुरक्षा राज्य मंत्री बृजेंद्र ओला प्रस्तुति देंगे। अन्य मंत्री भी रिपोर्ट पेश करेंगे। (भाषा)
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