न्यूयार्क। पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा के उप प्रमुख अब्दुल रहमान मक्की को संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है। यह संभव हुआ चीन के प्रस्ताव विरोध से पीछे हटने के कारण।
इसी के साथ मक्की पर कई तरह के प्रतिबंध लगे है। इस सूची में शामिल लोगों की संपत्ति जब्त करने, उन पर यात्रा और हथियार संबंधी प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है। इस मामले में भारत सहित कई देश सालों से प्रयास कर रहे थे।
चीन द्वारा 16 जून, 2022 को जेयूडी/एलईटी के राजनीतिक मामलों के प्रमुख और लश्कर प्रमुख हाफिज मुहम्मद सईद के रिश्तेदार मक्की को वैश्विक आतंकवादी की सूची में शामिल करने का विरोध किया था। ध्यान रहे
15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने अलकायदा प्रतिबंध समिति बनाई है जिसमें बतौर स्थायी सदस्य वीटो का अधिकार रखने वाला चीन वह देश था जो मक्की को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया में अंडगा लगाए हुए था।
अब चीन द्वारा पीछे हटने के बाद मक्की को अंतत: वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया है।
द्वारा वांछित’’ मक्की को आईएसआईएल या अल-कायदा से जुड़े होने, ‘उनके लिए वित्तपोषण करने, साजिश रचने, सुविधा प्रदान करने, तैयारी, या कार्यों या गतिविधियों के संयोजन में भाग लेने’, इनके नाम पर या उनके समर्थन में ‘भर्ती करने’ अथवा उन्हें मदद पहुंचाने वाले कार्य करने और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर लश्कर-ए-तैयबा का सहयोग करने के कारण इस सूची में शामिल किया गया है। प्रतिबंध समिति ने कहा कि मक्की लश्कर और जेयूडी में शीर्ष पदों पर रहा है, वह लाल किले पर हुए लश्कर के हमले सहित प्रमुख हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है या इसमें शामिल रहा है। लश्कर के छह आतंकवादियों ने 22 दिसंबर, 2000 को लाल किले पर धावा बोल दिया था और किले की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


