कोलकाता। पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर गुरुवार को दोबारा मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान हुआ। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शाम सात बजे तक 87.76 फीसदी वोटिंग हुई। यह आंकड़ा थोड़ा बढ़ सकता है। फालता में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के जहांगीर खान और भाजपा के देवांशु पांडा के बीच है। हालांकि तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान मौखिक रूप से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का ऐलान कर चुके हैं।
हालांकि उन्होंने लिखित रूप से चुनाव आयोग को नहीं बताया है कि वे चुनाव नहीं लड़ रहे हैं और नाम वापस ले रहे हैं। उनका नाम और चुनाव चिन्ह इलेक्टोरिनक वोटिंग मशीन पर मौजूद थे। लेकिन मतदान के दिन जहांगीर खान का कोई पता नहीं चला। उनके घर और पार्टी कार्यालय, दोनों जगह ताला लटका हुआ था। गौरतलब है कि फालता में पिछली बार 29 अप्रैल को वोटिंग हुई थी।
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में 29 अप्रैल को वोटिंग के दिन फालता में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे थे। कुछ बूथ पर ईवीएम में भाजपा के बटन पर टेप चिपका दिए जाने की खबर थी। कई अन्य बूथों पर ईवीएम में गड़बड़ी की खबरें आईं। इसके बाद चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का आदेश दिया। इस सीट का नतीजा 24 मई को आएगा। पहले दिन से यह सीट प्रतिष्ठा की लड़ाई बनी हुई थी। यह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के तहत आती है। इस सीट पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक लाख वोट से जीत हासिल करने का दावा किया है।


