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घरेलू सिलेंडर दो हजार का मिलता- मोदी

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और इजराइल युद्ध से पैदा हुए ऊर्जा संकट के प्रबंधन को लेकर अपनी सरकार की पीठ थपथपाई। उन्होंने देश की जनता को बताया कि उनकी सरकार ने कितने प्रभावशाली तरीके से ऊर्जा संकट का प्रबंधन किया। प्रधानमंत्री ने दावा किया है कि अगर सरकार ठीक तरीके से प्रबंधन नहीं करती तो देश में घरेलू रसोई गैस के सिलेंडर के दाम दो हजार रुपए तक पहुंच जाते। वैसे कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम तीन हजार रुपए से ऊपर पहुंच गए हैं।

बहरहाल, प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी दावा किया कि 21वीं सदी का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट खड़ा हो गया था लेकिन भारत ने इस संकट को भी छोटा कर दिया। मोदी ने कहा, ‘भारत ने अपने संसाधनों का सही इस्तेमाल किया। युद्ध के कारण जो हालात पैदा हुए, उसके कारण घरेलू गैस के दाम दो हजार रुपए तक जा सकते थे। सरकार ने इसको लेकर बेहतर मैनजमेंट किया। इसी का परिणाम है, सिलेंडर 950 रुपए के करीब मिल रहा है’।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को राजस्थान के दौरे पर पहुंचे थे। दोपहर करीब 12 बजे वे बालोतरा के पचपदरा पहुंचे। वहां देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का उद्घाटन किया। गौरतलब है कि इससे पहले जब इस रिफाइनरी का उद्घाटन होने वाला था तब इसमें आग लग गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल तरीके से जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण की आधारशिला भी रही। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जोधपुर में हवाईअड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा संकट की बात करते हुए तेल कंपनियों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जून के बीच पेट्रोल, डीजल से ही कंपनियों को 75 हजार करोड़ रुपए का घाटा हुआ। मोदी ने कहा कि ये घाटा इतना बड़ा था कि एक नई रिफाइनरी बन जाए। ये घाटा सरकारी खजाने से भरा गया। मोदी ने यह भी दावा किया कि युद्ध के समय भारत की दूसरे देशों से दोस्ती बहुत काम आई। उन्होंने कहा कि पहले जहां 25 देशों से ईंधन खरीदते थे, वह 40 देशों तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि युद्ध के समय भारत की डिप्लोमेसी का जलवा दिखा।

By NI Desk

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