नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए जिस सुदर्शन चक्र मिशन की घोषणा की थी उससे जुड़ा एक अहम परीक्षण सफल रहा है। रक्षा विकास व अनुसंधान संगठन यानी डीआरडीओ ने ओडिशा के तट पर इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम का पहला परीक्षण किया है। यह एक मल्टीलेयर एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसमें सभी स्वदेशी क्विक एक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल, एडवांस्ड वैरी शॉर्ट एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलें और हाई पावर लेजर बेस्ड डायरेक्टेड एनर्जी वेपन शामिल हैं। यह परीक्षण शनिवार, 23 अगस्त) को किया गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इसके बारे में जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है, ‘इस परीक्षण ने हमारे देश की मल्टी लेयर एयर डिफेंस कैपेबिलिटी बढ़ाई है। यह सिस्टम दुश्मन के हवाई खतरों के खिलाफ रीजनल डिफेंस को मजबूती देगा’। इंटीग्रेटड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम सुदर्शन चक्र मिशन का एक हिस्सा माना जा रहा है। यह स्वॉर्म यानी एक साथ छोड़े गए कई ड्रोन्स अटैक के खिलाफ रक्षा कवच बनेगा।
पीएम नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से दिए अपने भाषण में सुदर्शन चक्र मिशन की घोषणा की थी। शनिवार को हुए परीक्षण के दौरान इस सिस्टम ने दो हाई स्पीड फिक्स विंग अनमैन्ड ड्रोन, मल्टी कॉप्टर ड्रोन समेत तीन अलग अलग टारगेट पर अटैक किया। ये तीनों टारगेट अलग अलग दूरी और ऊंचाई पर थे। इसने इन तीनों को एक साथ निशाना बनाकर पूरी तरह से नष्ट कर दिया।
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