नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को शनिवार को जमानत मिल गई। उनको शुक्रवार की शाम को राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस में बिना अनुमति तिरंगा मार्च निकालने के प्रयास में हिरासत में लिया गया था। शनिवार को उनको सब डिवीजनल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने उनको जमानत दे दी। जमानत की शर्तों के मुताबिक उनको 50 हजार रुपए का बेल बॉन्ड भी भरना पड़ा। उसके बाद वे रिहा हुए।
पिछले आठ दिन में दीपके के खिलाफ यह दूसरी बार कार्रवाई है। इससे पहले 10 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से हिरासत में लिया गया था। अगले दिन वे बॉन्ड भर कर रिहा हो गए थे। उस समय उनके साथ हिरासत में लिए गए पार्टी के दो अन्य नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को भी छोड़ दिया गया था। लेकिन 13 अक्टूबर को दोनों को फिर गिरफ्तार किया गया और उसके बाद से वे तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनके ऊपर बेल बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन का आरोप है।
बहरहाल, शनिवार को अभिजीत दीपके को लेकर सुबह में कई घंटे तक ड्रामा चलता रहा। सीजेपी की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने दावा किया कि पुलिस दीपके की लोकेशन नहीं बता रही है। हालांकि बाद में वे दीपके के वकील पुष्प शर्मा के साथ मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचीं। वहां एसईएम कोर्ट में दीपके को पेश किया गया। इससे पहले शुक्रवार को दीपके के साथ ही हिरासत में ली गईं छात्र नेता नेहा बोरा को पुलिस ने देर रात रिहा कर दिया था। बहरहाल, शनिवार को किसी भी संगठन की ओर से दिल्ली में प्रदर्शन का आयोजन नहीं किया गया था। फिर भी कई हिस्से में छोटी छोटी रैलियां हुईं और सेंट्रल दिल्ली में कई जगह पहले से की गई बैरिकेडिंग लगी रही।
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