नई दिल्ली। भारत सरकार भले कहती रही हो कि उसने अमेरिका के दबाव में रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया है लेकिन अब हकीकत सामने आ गई है। अमेरिका ने भारत को एक महीने तक रूस से तेल खरीदने की अनुमति दी है। इससे लगता है कि भारत की कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति की चिंता कम होगा। हालांकि अमेरिका ने यह छूट कुछ शर्तों के साथ दी है।
अमेरिका के वित्त विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन का विशेष कोटा दिया है। अमेरिका की ओर से दी गई छूट तीन अप्रैल तक जारी रहेगा। यह भी कहा गया है कि पांच मार्च तक जो तेल टैंकरों में लोड हो गया है उन्हीं को तीन अप्रैल तक लाने की इजाजत होगी। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे के तहत यह अस्थायी कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण पार्टनर हैं और ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई को स्थिर रखने के लिए यह छूट दी गई है।
इस बीच खबर है कि कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का सिलसिला जारी है। युद्ध के सात दिन में 20 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ कर 89.18 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। यह अप्रैल 2024 के बाद इसका उच्चतम स्तर है। अमेरिका के वित्त मंत्री बेसेंट ने कहा कि ईरान ग्लोबल एनर्जी मार्केट को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है। इस दबाव को कम करने के लिए अमेरिका ने भारत को 30 दिन की छूट दी है।


