नई दिल्ली। पंजाब और हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चल रहा किसानों का आंदोलन पुलिस द्वारा समाप्त कराए जाने के बाद अब अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अपना अनशन भी समाप्त कर दिया है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में किसानों के मसले पर सुनवाई हुई, जिसमें पंजाब सरकार ने बताया कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अनशन तोड़ दिया है। पंजाब के महाधिवक्ता, एजी गुरमिंदर सिंह ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की बेंच को बताया कि डल्लेवाल ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है।
गौरतलब है कि डल्लेवाल पिछले साल नवंबर से भूख हड़ताल पर थे। महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने बताया डल्लेवाल ने आज पानी ग्रहण कर उपवास तोड़ा। वहीं, दूसरी ओर सरकार के इस दावे को किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि डल्लेवाल का अनशन खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने सिर्फ पानी पीया है। वे 19 मार्च से पानी भी नहीं पी रहे थे। उनका अनशन अभी भी जारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनाई के दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ दायर अवमानना याचिका को खारिज कर दिया। पंजाब प्रशासन पर आरोप था कि उन्होंने कोर्ट के पिछले साल दिए गए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश का उल्लंघन कर किसानों को बॉर्डर से हटाया। लेकिन बेंच ने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट ने खुद सरकार से हाईवे खुलवाने को कहा था। जस्टिस सूर्यकांत ने अवमानना याचिकाकर्ता के वकील अंग्रेज सिंह से कहा, ‘हम पहले से ही सरकार से हाईवे खोलने को कह रहे थे। यह अवमानना याचिका गलतफहमी पर आधारित है’। इसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली। पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हरियाणा और पंजाब के शंभू और खनौरी बॉर्डर से प्रदर्शनकारी किसानों को हटा दिया है और राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है।
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