नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन बेहद बिजी रहा। वक्फ बोर्ड बिल के अलावा आखिरी दिन गुरुवार को सरकार ने नया आयकर बिल भी पेश किया। लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नया आयकर बिल पेश किया। इसे लेकर उनका दावा है कि यह मौजूदा आयकर कानून 1961 को सरल बनाकर आयकर कानून को आम लोगों के समझने योग्य बनाएगा और इससे जुड़ी मुकदमेबाजी घटेगी।
इसमें एक बदलाव यह किया गया है कि असेसमेंट ईयर और फाइनेंशियल ईयर की जगह अब टैक्स ईयर लिखा जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे कंफ्यूजन समाप्त होगा। सरकार ने इसमें क्रिप्टो असेट्स को अघोषित आय में शामिल करने का प्रावधान किया है। कहा जा रहा है कि इससे डिजिटल लेनदेन को पारदर्शी बनाया जाएगा और इससे उस पर नियंत्रण रखना भी आसान हो जाएगा। इसके अगले साल अप्रैल से लागू होने की संभावना है।
नया आयकर कानून मौजूदा आयकर कानून 1961 से आकार में छोटा है। हालांकि धाराएं और शेड्यूल ज्यादा हैं। मौजूदा कानून के 823 पन्नों की बजाय नए कानून में 622 पन्ने हैं। नए बिल में 23 अध्याय, 536 धाराएं और 16 शेड्यूल हैं, जबकि 1961 के कानून में 298 धाराएं, 14 शेड्यूल और यह 880 से अधिक पन्ने हैं। बहरहाल, बजट सत्र के पहले चरण के आखिरी दिन गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही 10 मार्च तक स्थगित कर दी गई। बजट सत्र दो चरणों में हो रहा है। पहला चरण 13 फरवरी तक चला। जिसके बाद 14 फरवरी से नौ मार्च तक अंतराल रहेगा। दूसरा चरण 10 मार्च से शुरू होकर चार अप्रैल तक चलेगा।
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Image Source: ANI

