रायपुर। देश को नक्सल मुक्त घोषित करने के बाद भी सुरक्षा बलों की चुनौतियां समाप्त नहीं हो रही हैं। नक्सलियों ने जिन इलाकों में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं उनकी सफाई का काम मुश्किल हो रहा है। शनिवार को छत्तीसगढ़ के कांकेर नारायणपुर बॉर्डर पर आईईडी विस्फेट में चार जवान शहीद हो गए। सुरक्षा बल शनिवार सुबह कोरोसकोडा के जंगल में सर्च ऑपरेशन पर निकला था। इसी दौरान नक्सलियों की बिछाई गई आईईडी को निष्क्रिय करते समय अचानक जोरदार धमाका हुआ।
यह घटना छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में हुई। बताया जा रहा है कि धमाका बहुत तेज था। हादसे में घायल जवानों का तुरंत वहां से निकाला गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण तीन जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायल जवान परमानंद कोर्राम को बेहतर इलाज के लिए रायपुर एयरलिफ्ट गया था, जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
इस घटना पर पूर्व CM भूपेश बघेल ने सरकार पर सवाल उठाए, कहा कि नक्सलवाद के खत्म होने के राजनीतिक नारे से काम नहीं चलेगा। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि, सर्च के दौरान सुरक्षाबलों को एक नक्सली डंप भी मिला है। सरेंडर कर चुके नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर पिछले कुछ महीनों से लगातार आईईडी बरामदगी का अभियान चलाया जा रहा है। आज का अभियान भी उसी का हिस्सा था। इस दौरान हादसा हुआ।
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