दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के नजदीक हुए कार धमाके की जांच तेज हो गई है। सूत्र बताते हैं कि जांच एजेंसियां सोशल मीडिया और मोबाइल कम्युनिकेशन पर कड़ी नजर रख रही हैं। जांच एजेंसियां मोबाइल फोन के डंप डेटा पर फोकस कर रही हैं और कई इलाकों से यह डेटा लिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, लालकिले के आसपास ऑपरेट हो रहे सभी मोबाइल फोनों का डंप डेटा लिया जा रहा है। पार्किंग क्षेत्र में खड़ी गाड़ी से जुड़े संभावित फोन नंबरों की पहचान की जा रही है। इसके अलावा, धमाके वाली गाड़ी में सवार लोग या इससे जुड़े व्यक्तियों ने आपस में बातचीत की होगी, इसलिए पार्किंग फोन डेटा को अहम सबूत माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद क्षेत्र में भी डंप डेटा के जरिए कम्युनिकेशन पैटर्न के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि कितने लोग आपस में संपर्क में थे। सूत्र बताते हैं कि डंप डेटा से उन फोन नंबरों का सुराग मिल सकता है जो धमाके से सीधे जुड़े हों।
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वहीं, दिल्ली के कोतवाली थाने में इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें घटना के समय मौजूद सब इंस्पेक्टर के बयान को आधार बनाया गया है।
दिल्ली पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एफआईआर लालकिले पुलिस चौकी के सब इंस्पेक्टर (एसआई) विनोद नयन के बयान पर दर्ज की गई। एसआई विनोद नयन ने अपने बयान में बताया कि अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाका होने के समय वह पुलिस चौकी में मौजूद थे। बाहर आकर देखा तो पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में आग लगी हुई थी।
एसआई विनोद नयन ने आगे बताया कि उन्होंने धमाके के बाद तुरंत सीनियर अधिकारियों और कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके साथ ही, अपने स्टाफ के साथ घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
यह विस्फोट सोमवार शाम को हुआ, जब लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास खड़ी हरियाणा में रजिस्टर्ड हुंडई आई20 कार में विस्फोट हो गया, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए।
Pic Credit : ANI
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