नई दिल्ली। इजराइल और हमास के बीच पिछले 15 महीने से चल रहा युद्ध थम गया है। दोनों के बीच युद्धविराम संधि लागू हो गई है और बंधकों व कैदियों की अदलाबदली शुरू हो गई है। हालांकि उद्धविराम लागू होने में तय समय से करीब तीन घंटे की देरी हुई। इसे सुबह साढ़े 11 बजे लागू होना था, जो दोपहर पौने तीन बजे लागू हो पाया। खबरों के मुताबिक पहले दिन इजराइल के तीन बंधकों की रिहाई होने वाली है। तीनों महिलाएं हैं। बदले में इजराइल 90 फिलस्तीनी कैदियों को छोड़ेगा।
बताया जा रहा है कि युद्धविराम का समझौता लागू होने के बाद करीब चार बजे रेड क्रास की टीम बंधकों को लेने के लिए रवाना हो गई। हालांकि देर शाम इजराइल ने कहा कि इन बंधकों को अभी तक इजराइल भेजने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। रविवार को लागू हुए सीजफायर के तहत भारतीय समया के अनुसार शाम सात बजे तीन बंधकों को रिहा किया जाना था। हमास की तरफ से जिन बंधकों को रिहा किया जाएगा उनके नाम रोमी गोनेन, एमिली दामारी और डोरोन स्टीनब्रेचर हैं। अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ‘बंधकों को आज से रिहा किया जाएगा। सबसे पहले तीन खूबसूरत लड़कियां आजाद होंगी’।
इससे पहले इजराइल की कैबिनेट ने शनिवार को हमास के साथ युद्धविराम करार को मंजूरी दी थी। युद्धविराम समझौता लागू होने के कई घंटे बाद तक हमास का कहना था कि उसे इजराइल की तरफ से छोड़ जाने वाले 90 कैदियों की सूची का इंतजार है। इसी वजह से बंधकों की रिहाई में देरी हुई। गौरतलब है कि इजराइल और हमास के समझौते में इजराइल के एक बंधक के बदले 30 फिलस्तीनी कैदियों को छोड़ा जाएगा। इस बीच युद्धविराम संधि लागू होने के बाद गाजा के लिए राहत सामग्री पहुंचना शुरू हो गई है। सात अक्टूबर 2023 को हमास ने इजराइल पर हमला करके 12 सौ लोगों के मार डाला था। उसी दिन से चल रहे इस युद्ध में हजारों फिलस्तीनी मारे गए हैं और लाखों विस्थापित हुए हैं।
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Image Source: ANI


