नई दिल्ली। वक्फ कानून में बदलाव के लिए लाए गए बिल पर विचार के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी की पहली बैठक गुरुवार, 22 अगस्त को हुई। भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदंबिका पाल इस समिति के अध्यक्ष हैं। 31 सदस्यों की इस समिति को वक्फ बिल में 44 बदलावों पर विचार करना है। समिति में भाजपा के 11 सदस्य हैं, जिनमें सात लोकसभा के और चार राज्यसभा के हैं। कांग्रेस के चार सदस्यों को इसमें जगह मिली हैं, जिनमें तीन लोकसभा के और एक राज्यसभा के हैं। कांग्रेस के चार में से तीन सदस्य मुस्लिम हैं।
समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने बताया कि बिल पर विचार करने के दौरान सभी 44 बदलावों पर चर्चा होगी। साथ ही सभी हिस्सेदारों की बात सुनी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम जानकारों से भी राय ली जाएगी। पहली बैठक में अल्पसंख्यक मामलों और कानून मंत्रालय के अधिकारी ने समिति को ड्राफ्ट कानून में जो बदलाव किये गए है, उसके बारे में बताया।
गौरतलब है कि संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजीजू ने आठ अगस्त को लोकसभा में वक्फ बिल 2024 पेश किया था। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित तमाम विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध करते हुए इसे मुस्लिम विरोधी बताया था। विपक्ष की आपत्ति और भारी विरोध के बीच ये बिल लोकसभा में बिना किसी चर्चा के जेपीसी को भेज दिया गया था।
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