नई दिल्ली। राहुल गांधी ने पेपर लीक के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। अब आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल यानी ई-20 पेट्रोल के खिलाफ पीएम आवास तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि ‘पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 के बीच चुनने का विकल्प दिया जाए। अगर ये मांग नहीं मानी जाती है तो चार अगस्त को पीएम आवास तक मार्च निकाला जाएगा’।
असल में केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर ‘नेशनल टाउन हॉल’ का आयोजन किया था। इसमें दिल्ली और देश के दूसरे हिस्से से आए लोग शामिल हुए थे। लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए और बताया कि ई-20 पेट्रोल से उनको क्या समस्याएं हुईं है। इसी दौरान केजरीवाल ने बताया कि वे तीन अगस्त की दोपहर तक इस मामले में याचिकाएं इकट्ठा करेंगे। इसके बाद करीब एक सौ लोगों के साथ पीएम आवास तक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
केजरीवाल ने सवाल किया कि अगर इथेनॉल फायदेमंद नहीं है, तो इसे बढ़ावा क्यों दिया जा रहा है? सरकार नागरिकों पर इसे क्यों थोप रही है? इससे पहले पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से फायदा हुआ है। अगर ऐसा नहीं करते तो ईरान संकट के दौरान पेट्रोल की कीमत 125 रुपए प्रति लीटर से भी ज्यादा हो सकती थी।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का नुकसान बताने के साथ ही एक और बड़ा दावा किया। उन्हेंने कहा, ‘इथेनॉल बनाने वाले प्लांट के आसपास के इलाकों में जमीन के नीचे का पानी प्रदूषित हो जाता है। मेरी सरकार से अपील है कि वह उस रिपोर्ट को सार्वजनिक करे, जिसका हवाला देकर सरकार ने दावा किया था कि ई-20 से वाहनों को कोई नुकसान नहीं होता है’। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ऑनलाइन याचिका शुरू की थी, जिस पर दो लाख से अधिक लोगों ने दस्तखत किए हैं। सोमवार, तीन अगस्त तक केजरीवाल याचिकाएं इकट्ठा करेंगे और मंगलवार को पीएम आवास की ओर मार्च करेंगे।
बहरहाल, ‘नेशनल टाउन हॉल’ में शामिल लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए। 12 साल से मैकेनिक का काम कर रहे आमिर खान ने बताया, ‘ई-20 फ्यूल से दोपहिया वाहन खराब हो रहे हैं। अगर आप ने ई-20 फ्यूल लिया और वाहन 15 से 20 दिन कहीं पार्क कर दिया तो फ्यूल पंप चोक होने से इंजन स्टार्ट नहीं होगा हैं। रिजर्व टैंक में काई जम जाती है’। ऐसे ही ओडिशा के स्वप्निल ने कहा कि ई-20 फ्यूल से उनकी कार का एवरेज 14 किलोमीटर प्रति लीटर से कम हो कार नौ किलोमीटर प्रति लीटर रह गया। उन्होंने यह बताया कि ओडिशा में किसान ही इथेनॉल प्लांट का विरोध कर रहे हैं। वहां इथेनॉल प्लांट के कारण मछलियां मर रही हैं।
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