नई दिल्ली। मानसून की रफ्तार थम गई है। अगले कई दिन तक मैदानी इलाकों में बारिश के आसार नहीं हैं क्योंकि देश के 70 फीसदी हिस्सों से मानसून के बादल गायब हो गए हैं। लेकिन उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं बढ़ गई हैं और भूस्खलन भी हो रहा है। पहाड़ी राज्यों में बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है।
शनिवार की रात को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में बादल फटने के बाद बाढ़ आई। इससे कई खेत बरबाद हो गए और कई जगह सड़कें बह गईं। ऐसे ही उत्तराखंड के विकासनगर में भारी बारिश के कारण लखवाड़ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास भूस्खलन हुआ। इससे कई गाड़ियां और मशीनें मलबे में दब गईं। हालांकि पूर्वोत्तर में बाढ़ और भूस्खलन का दौर थम गया है।
इस बीच बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की ओर से आने वाली सूखी हवाओं के कारण भारत में मानसून की रफ्तार थमी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ये सूखी हवाएं अरब सागर, मध्य भारत और दक्षिण भारत तक फैल गई हैं। इनकी वजह से राजस्थान, दिल्ली व एनसीआर, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में अगले पांच दिन तक बारिश की संभावना भी कम है। बारिश थमने के कारण मध्य प्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान बढ़ गया। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रशांत महासागर में तीन नए सिस्टम बन रहे हैं, अगर इनमें से एक भी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच गया तो मानसून फिर से एक्टिव हो सकता है।
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